एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य, कब बंटैंगी पता ही नहीं- प्रवेश दुबे

अनुराज साहू जिला प्रमुख/सारंगढ़ बिलाईगढ़ राजधानी से जनता तक

भटगांव । स्कूल खुलने में गिनती के दिन बाकी है लेकिन स्कूली बच्चों की किताबों का कोई ठिकाना नहीं भाजपा राज में शिक्षा व्यस्था का हाल स्कूल खुलने की तारीख तय लेकिन किताबों की तारीख गायब बच्चों का भविष्य नहीं सरकार की नाकामी दिख रही है भाजपा सरकार ने शिक्षा को भी अव्यस्था के हवाले कर दिया है। एनसीआरटी की किताबें अनिवार्य कर दीं मगर लाखों बच्चों तक किताबें पहुंचाने की तैयारी तक नहीं की प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक एनसीआरटी की किताबें अनिवार्य हैं। गर्मियों के छुट्टियों के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश में 16 जून से स्कूल खुल जाएंगे । स्कूलों के खुलने से पहले स्कूलों में किताबों को पहुंच जाना चाहिए था। पाठ्य पुस्तक निगम ने सरकारी स्कूलों में किताबों को पहुंचाने का काम शुरू तो किया है। लेकिन अभी तक सभी संकुलों में किताबें नहीं पहुंची है। खास बात यह है कि सभी निजी स्कूलों में भी एनसीआरटी की किताबें अनिवार्य है। लेकिन निजी स्कूलों को किताबें कब तक मिलेंगी इसकी जानकारी निजी स्कूलों को भी नहीं है। निजी स्कूलों को किताबें बटने का शेड्यूल भी नहीं मिला है। दरअसल नए सत्र की शुरुआत में अब कुछ ही दिन बचे हैं। लेकिन निजी स्कूलों को अब तक पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। निजी स्कूलों के सामने किताबें के बिना पढ़ाई शुरू करने की चुनौती है। वहीं कांग्रेस के पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रवेश दुबे ने शासन से मांग की है कि स्कूलों में किताबें जल्द से जल्द पहुंचाई जाए और स्कूलों की ये बड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है