देवभोग क्षेत्र में महाप्रभु जगन्नाथ की निकली बाहुड रथयात्रा, सोनाभेष महाप्रभु एकादशी पर होगी विशेष पूजा 

राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल 

देवभोग – गरियाबंद जिले के देवभोग विकास खण्ड में महाप्रभु जगन्नाथ की बाहुडा रथयात्रा का भव्य आयोजन देवभोग, झाखरपारा,खोकसरा,बरही व सुकलीभाठा पुराना इन गांवों में आषाढ़ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को 24 जुलाई शुक्रवार को शाम 4 बजे से महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की बाहुड रथयात्रा भव्य बाजे-गाजे व भजन कीर्तन के साथ निकली गई। वहीं आठ दिन तक मौसी घर गुंडिचा मंदिर में विराजमान रहने के पश्चात शुक्रवार को महाप्रभु जगन्नाथ अपने रथ पर विराजित होकर भव्य शोभायात्रा के साथ पुनः अपने मंदिर को वापस लौटे और समूचा अंचल हरि बोलो के पवित्र मंत्र से गुंजायमान हो गया।बाहुडा रथयात्रा का मार्ग कीर्तन मंडलियों के जयघोष के साथ रथयात्रा हर चौंक चौराहे से प्रारंभ होते हुए स्थिति श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंची , इस दौरान दर्शन करने पहुंचे दर्शनार्थी पूजा अर्चना कर अपनी कामनाएं की। आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 25 जुलाई शनिवार को शाम 7 बजे महा प्रभु का सोनाभेष दर्शन होगा। यह गरियाबंद जिले के अमलीपद,देवभोग व झाखरपारा में श्री जगन्नाथ मंदिर की विशेषता है जहां पुरी की परंपरा के अनुसार सोनाभेष मनाया जाता है।

 

सोनाभेष पूजा की खासियत

वर्ष में एक बार महाप्रभु जगन्नाथ जी साल से केवल इसी एकादशी को अपने समस्त स्वर्ण आभूषणों और आयुधों के साथ पूर्ण राजकीय स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दिन मंदिर में केवल रसगुल्ले का भोग लगाया जाता है।यह भोग महाप्रभु जगन्नाथ के साथ मां लक्ष्मी के लिए भी अर्पित किया जाता है। वहीं इसे हरिशयन एकादशी भी कहा जाता है।इसी दिन से भगवान चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।यह योगनिद्रा कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी तक रहेगी।इसी कारण इन चार महीनों में विवाह सहित सभी शुभ कार्य बंद हो जाते हैं। आज जगन्नाथ मंदिरों में इस कार्यक्रम में शामिल होकर क्षेत्र के सभी श्रद्धालु भक्तजन महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्य के भागी बनने मंदिर के पुजारियों द्वारा विशेष आमंत्रित किया जाता है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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