देवभोग तहसीलदार पर दवाब बनाकर अवैध धान और गैर ग्रेडींग धान बेचवाने भाजपा मंडल के नाम से फर्जी आवेदन

राजधानी से जनता तक/ गरियाबंद 

देवभोग -तहसीलदार के खिलाफ षडयंत्र रच अवैध वसूली और नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप निकला फर्जी। जिस भाजपा मंडल और पार्टी का इस्तेमाल कर देवभोग तहसीलदार का छवि धूमिल कर अवैध धान और गैर ग्रेडींग धान खपाने के लिए राजनितिकरण करने का प्रयास का पड़ताल करने पर हस्ताक्षर करने वाले ही मुकर गए । भाजपा मंडल देवभोग से लेकर गरियाबंद भाजपा मंडल तक इस विषय में कोई जानकारी ना होने की बात कह दी।लगातार हो रहे कार्यवाही पर बौखलाहट से जल्दबाजी करते हुए यह फैसला लिया गया है जो पूर्ण रूप से अनुचित है। तहसीलदार के खिलाफ शिकायत पत्र में लिखा है देवभोग में पदस्थ तहसीलदार अजय चंद्रावंशी के द्वारा देवभोग विकासखंड में घर घर जाकर किसानों के निजी उपजाऊ धानो को जप्त कर किसानों से अवैध वसूली किया जा रहा है। प्रति एकड़ 21 कि्वंटल का प्रवधान का भी विषय रखा गया है। अनावरी का नियम बता कर धान जब्त कर 20 हजार रुपए लेने का आरोप लगाया गया है। जबकि अब तक इस विषय में कोई भी किसान और जिनसे 20 हजार वसूली किया है वो अब तक सामने नहीं आये है जो बेहद गंभीर और प्रश्नात्मक सवाल खड़ा करता दिख रहा है। दरअसल लगातार क्षेत्र में हो रहे कार्यवाही और धरपकड़ से बौखलाये कुछ लोग सरपंच पटेल और भाजपा मंडल का इस्तेमाल कर तहसीलदार द्वारा किए जा रहे वैध कार्रवाई को अवैध दिखाकर दवाब बनाने के प्रयास में है जो कहीं ना कहीं प्रशासनिक गतिविधियों और कार्रवाई पर गंभीर और नाकारात्मक प्रभाव डाल सकती है

गरियाबंद कलेक्टर: अनावरी एक्सल के हिसाब से खरीदी किया जायेगा उसी का जांच चल रहा है और इससे कुछ लोगों में बौखलाहट है जबकि अब तक किसी का खरीदी नहीं रोका गया है।

तहसीलदार देवभोग: अनावरी के हिसाब से धान खरीदी करने का बौखलाहट है जांच दिशा निर्देश भी जारी किया गया है यदि अनावरी और गैर ग्रेडींग से धान खरीदी होगा तो समिति का ही नहीं सरकार को भी आर्थिक बोझ और नुकसान उठाना पड़ेगा यदि राजनीतिकरण करने का प्रयास किया जायेगा गलत कामों में तो प्रशासनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होना तय है

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
December 2025
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  

टॉप स्टोरीज