छत्तीसगढ़ी पहचान को बचाने छत्तीसगढ़ी में बात करने और छत्तीसगढ़िया व्यापारी से ही खरीदारी का लिया गया संकल्प

बिलासपुर। राज्य में छत्तीसगढ़ महतारी के अपमान के बाद उत्पन्न हुए सामाजिक असंतोष और तनावपूर्ण माहौल को लेकर सर्व छत्तीसगढ़िया समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक बिलासपुर के लिंगियाडीह में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न समाजों के प्रमुखों, सामाजिक संगठनों एवं बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल के ऊपर दर्ज एफआईआर को द्वेषपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताते हुए एफआईआर को तत्काल रद्द करने की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अमित बघेल ने किसी भी धर्मगुरु या आस्था विशेष का अपमान नहीं किया है, बल्कि उन्होंने समाज में बढ़ती असमानता और छत्तीसगढ़ की पहचान के साथ हो रहे खिलवाड़ पर सवाल उठाया है। उन्होंने बसना में वीर नारायण सिंह की मूर्ति और पेंड्रा में अजीत जोगी की प्रतिमा को उखाड़े जाने तथा गुरु घासीदास जी की तस्वीर को टॉयलेट में लगाए जाने जैसी घटनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन मामलों में अब तक कोई कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
बैठक में प्रमुख समाजों के विचार :
सूर्यवंशी समाज प्रमुख मनीष सेंगर ने कहा — “अमित बघेल ने केवल यह कहा कि हमारे धर्म और संस्कृति के प्रतीकों के साथ खिलवाड़ क्यों किया जाता है। उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया। यह एफआईआर पूरी तरह द्वेषपूर्ण है।”
निषाद समाज प्रमुख गजेन्द्र कैवर्त ने कहा — “शोषित विचारधारा के लोगों द्वारा लगातार छत्तीसगढ़िया समाज का अपमान किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि हम आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें — हम केवल अपने छत्तीसगढ़िया व्यापारी से ही सामान खरीदेंगे, ताकि हमारा पैसा हमारे ही समाज के विकास में लगे।”
- आदिवासी समाज के प्रदेश युवा अध्यक्ष सुभाष परते ने कहा —“हम यह मामला राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। छत्तीसगढ़िया अस्मिता पर हो रहे हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
तीन प्रमुख संकल्प लिए गए :
1. अमित बघेल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए।
2. छत्तीसगढ़िया व्यापारी से ही सामान खरीदा जाएगा — ‘छत्तीसगढ़िया खरीदे छत्तीसगढ़िया से’ अभियान चलाया जाएगा।
3. हर जगह छत्तीसगढ़ी भाषा में बात करने का संकल्प लिया गया, ताकि भाषा और संस्कृति को मजबूती मिले।
बैठक में शामिल प्रमुख समाज प्रमुख व पदाधिकारी :
इस महत्वपूर्ण बैठक में यादव समाज के जिला अध्यक्ष दीपक यादव, पटेल समाज बिल्हा की उपाध्यक्ष आरती पटेल, देवांगन समाज तखतपुर अध्यक्ष डी.के. देवांगन, सतनामी समाज मस्तूरी के महासचिव अश्विनी गोयल, महरा समाज के प्रदेश संयोजक रवि वस्त्रकार, सहित कुर्मी, पटेल, ब्राह्मण, साहू, गडरिया आदि समाजों के सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए।
अंत में सर्वसम्मति से यह निंदा प्रस्ताव पारित किया गया कि — “छत्तीसगढ़ की अस्मिता और संस्कृति पर आघात करने वालों का पुरजोर विरोध किया जाएगा, और छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।




