राजधानी से जनता तक/ गरियाबंद

देवभोग – खाद्य सुरक्षा के लिए खाद्य पदार्थों की उपलब्धता के साथ-साथ सभी लोगों के बीच इनकी पहुंच सुनिश्चित करना दूसरा प्रमुख आयाम है। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों को आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सार्वजनिक आपूर्ति पर निर्भर रहते हैं। इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2012 के उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक महात्वाकांक्षी योजना है। इसके अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में अधिकांश जरूरत मंदों को उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से रियायती दर पर खाद्यान्न जैसे चावल, गेहूं, शक्कर,व नमक आदि उपलब्ध कराया जाता है। ये सभी वस्तुएं पात्र परिवारों को राशन कार्ड के माध्यम से प्रत्येक माह निर्धारित मात्रा में प्रदान की जाती हैं। हमारे देश में लगभग सभी गांवों एवं शहरों में उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं। वर्तमान में इन दुकानों की संख्या देश में 4.63 लाख से भी अधिक है, जबकि अकेले छत्तीसगढ़ में ऐसी दुकानों की संख्या अक्टूबर 2014 की स्थिति में 11088 थी।इन दुकानों में खाद्यान्नों की उपलब्धता भारतीय खाद्य निगम एफसीआई के माध्यम से सुनिश्चित की जाती हैं।एफसीआई अधिशेष उत्पादन वाले राज्यों के किसानों से गेहूं और धान (चावल) सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदता है।इन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करती है। खरीदते हुए अनाजों को बड़े बड़े भण्डारों में सुरक्षित रखा जाता हैं।यह भण्डारण पीडीएस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए किया जाता है।एफ सी आई अनाजों का संग्रहण एक अन्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भी करता है, वह है बफर स्टॉक।बफर स्टॉक के अंतर्गत देश की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का सुरक्षित भण्डारण किया जाता है। जिससे कि खराब मौसम या आपदा काल में अनाज की कमी की समस्या को बफर स्टॉक के माध्यम से दूर किया जा सके। इसे लेकर वर्तमान में गरियाबंद जिले के विकास खण्ड देवभोग क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्हड़ईकला में माटी गुड़ी महिला स्व-सहायता समूह के द्वारा शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित किया जा रहा हैं। वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) चावल, शक्कर व नमक ये सभी वस्तुएं पात्र परिवार को राशन कार्ड के माध्यम से प्रतिमाह चावल हितग्राहियों को भुगतान किया जाता है। लेकिन क्षेत्र में आवागमन करने सड़कों पर वाहनों को असुविधा होती है तो खराब मौसम या आपदा काल में अनाज की कमी की समस्या को बफर स्टॉक के माध्यम से दूर किया जाता है। लेकिन आज कुम्हड़ईकला पंचायत में खाद्यान्न वितरण करने वाला सेल्समैन ने पीडीएस को हेर-फेर कर लाखों रुपए हड़प लिया गया है। उक्त ग्रामीणों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन -प्रशासन द्वारा गरीबों को मुफ्त में चावल, व नमक ये सभी खाद्यान्न को पात्र परिवारों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बीच सेल्समैन चक्रधर यादव ने एक दो महीने के चावल को इधर-उधर कर भारी गड़बड़ी किया गया है बताया जा रहा है।
जिसके कारण कुम्हड़ईकला गांवों के हितग्राहियों ने आज इस तरह के करतूतों को उजागर करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी को जांच पड़ताल करने के लिए लिखित में आवेदन पत्र जमा किया गया है, उन्होंने और भी यह बताये कि यदि प्रशासन आरोपी को कानूनी कार्रवाई नहीं करती है ,तो इस बीच हम सभी आम नागरिकों को नेशनल हाईवे सड़क पर उतरे को मजबूर होंगे।इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी चेतावनी दी गई थी।
ग्रामीणों ने रखी उचित जांच की मांग
कुम्हड़ईकला गांव के आम नागरिकों ने बताये कि सरकार हमारे आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निःशुल्क में राशन खाद्यान्न उपलब्ध कराई जा रही है। और इधर सेल्समैन अपनी होसियार से चावल और शक्कर को काटते जा रहा है।हम सभी ग्रामीण जनता का कहना है कि इस तरह के घोटाले बाज सेल्समैन के ऊपर कार्रवाई करते हुए माटी गुड़ी महिला स्व-सहायता समूह खाद्य वितरण एजेंसी रद्द किया जाए। ताकि ग्रामीण लोगों को प्रति माह समय-समय पर खाद्यान्न वितरण नियमित रूप से किया जा सके।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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