राजधानी से जनता तक कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा की साधारण सभा में बुधवार को भारी हंगामे, तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप के बीच वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 915 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट बहुमत से पारित कर दिया गया
एक तरफ़ महापौर संजू देवी राजपूत ने इस बजट को गरीब से लेकर अमीर और झोपड़पट्टी से लेकर मोहल्लों तक के लिए जनहितैषी बताया, दूसरी तरफ़ विपक्ष ने इसे महज “कॉपी-पेस्ट” करार दिया।
कंधे पर लकड़ी रखकर विपक्ष का अनोखा विरोध सभा शुरू होने से पहले ही देखने को मिला। सदन का माहौल तब गरमा गया, जब नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू के नेतृत्व में विपक्षी पार्षद कंधों पर लकड़ी रखकर नारेबाजी करते हुए सभागार पहुंचे विपक्ष का कहना था कि यह शहर में व्याप्त अंधेरा, अव्यवस्था और जल संकट के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध है।
नेता प्रतिपक्ष ने बजट पर निशाना साधते हुए कहा कि करोड़ों के प्रावधान के बावजूद आम जनता को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले बजट की घोषणाएं, जैसे अंतिम संस्कार के लिए मुफ्त लकड़ी और छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा, आज तक अधूरी हैं।

बजट की प्रमुख घोषणाएं और विकास योजनाएं महापौर संजू देवी राजपूत ने अपने अभिभाषण में शहर के व्यवस्थित विकास का खाका पेश किया बजट में कई महत्वपूर्ण और नई योजनाएं शामिल की गई हैं:
- जल शोधन और बायोगैस: बरबसपुर में बायोगैस संयंत्र की स्थापना की जाएगी, इसके अलावा, शहर के 11 बड़े नालों के प्रदूषित जल के उपचार के लिए 33 MLD क्षमता का टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा, जिसका पानी एनटीपीसी को बेचा जाएगा.
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रैफिक: सोनालिया पुल पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए नए पुल का निर्माण किया जाएगा, आईटीआई से बालको मार्ग पर “जनजातीय गौरव पथ” का निर्माण होगा
- जनसुविधाएं और नवाचार: सभी 7 जोनों में वातानुकूलित महिला प्रसाधन केंद्र बनाए जाएंगे, गर्मी में चौराहों पर शेड निर्माण और स्लम क्षेत्रों में मच्छर नियंत्रण के लिए ‘ई-रिक्शा माउंटेड फॉगिंग मशीन’ लाई जाएगी।
- सांस्कृतिक और जनसंपर्क: जोगियाडेरा बस्ती का नाम बदलकर “कौशल्या धाम” किया जाएगा और इसे तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। समस्याओं के समाधान के लिए लेटर बॉक्स के माध्यम से महापौर की “पाती योजना” की शुरुआत होगी और उपेक्षित स्थलों को “क्रिएटिव कॉर्नर” बनाया जाएगा।
सदन में पहली बार ‘ध्यानाकर्षण काल’ और अन्य अहम फैसले निगम के इतिहास में पहली बार 30 मिनट का ‘ध्यानाकर्षण काल’ तय किया गया, जिसमें पांच पार्षदों ने जनहित के विभिन्न मुद्दे उठाए

बैठक के दौरान कुल 12 प्रस्ताव रखे गए थे
।इनमें से बुधवारी बाजार पुनर्विकास परियोजना के प्रस्ताव को बढ़ती जनसंख्या और विचार-विमर्श के लिए फिलहाल होल्ड पर रखा गया है।
पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, स्व. केशवलाल मेहता स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 के लिए आर्थिक सहयोग और मुड़ापार तालाब के पीपीपी मॉडल पर विकास से जुड़े प्रस्ताव बहुमत और सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए।
पुल चोरी के मुद्दे पर गरमाया सदन
सामान्य सभा में ढोढ़ीपारा नहर के ऊपर बने लोहे के पुल की चोरी का मामला भी गूंजा। भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप लगाया, जिस पर कांग्रेस पार्षदों ने सफाई दी कि वे सिर्फ एक परिवार को परेशानी से बचाने गए थे। महापौर ने स्पष्ट किया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सत्ता पक्ष के पार्षदों ने यह कहते हुए बजट का पुरजोर बचाव किया कि देश और प्रदेश की तरह नगर निगम में भी ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी 67 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कर रही है। तीखी बहस के बावजूद, अंततः सदन ने बहुमत के साथ शहर के विकास के इस 915 करोड़ के बजट को हरी झंडी दे दी गई।
Author: Sangam Dubey
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