शासन आदेश की अवहेलना पर कलेक्टर ने जारी किया कार्रवाई का आदेश
राजधानी से जनता तक/ चरण सिंह क्षेत्रपाल
गरियाबंद/देवभोग -देवभोग ब्लॉक में राजस्व विभाग की मनमानी आखिरकार उजागर हो ही गई। दैनिक अखबार “राजधानी से जनता तक” में प्रकाशित खबर — “देवभोग में राजस्व विभाग का खुला खेल! शासन आदेश ताक पर, एसडीएम स्टेनो टाइपिस्ट बना हटा देवभोग एसडीएम कार्यालय से” — का ज़बरदस्त असर हुआ है। शासन-प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो टाइपिस्ट बांधे को पद से हटा दिया।
कलेक्टर एवं उपजिला निर्वाचन अधिकारी, जिला कार्यालय गरियाबंद ने आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से शांतनु बांधे को विकासखंड देवभोग में स्टेनो टाइपिस्ट पद से मुक्त कर उनके मूल पदस्थापना उपजिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कार्य करने हेतु भेज दिया है।
शासन का आदेश – तत्काल प्रभाव से हटाए गए उपजिला निर्वाचन अधिकारी
जिला कार्यालय गरियाबंद के आदेश क्रमांक 5610/स्था./2025-26 दिनांक 29/10/2025 के अनुसार, कार्यालय अनुविभाग (राजस्व) के क्रियान्वयन में शिथिलता और लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
संबंधित विभाग तहसीलदार देवभोग को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल शांतनु बांधे स्टेनो टाइपिस्ट से जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्य करने हेतु आदेशित किया जाता है। कलेक्टर गरियाबंद के आदेशानुसार प्रभार प्राप्त करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आदेश की प्रति उपजिला निर्वाचन अधिकारी जिला कार्यालय गरियाबंद, में उपजिला निर्वाचन कार्यालय को भेजी गई है।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी जिला गरियाबंद के आदेशित पत्र जारी किए जाने के उपरांत भी उक्त कर्मचारी शांतनु बांधे एसडीएम कार्यालय कुर्सी छोड़ने को राजी नहीं थे।जब दैनिक अखबार’राजधानी से जनता तक’ समाचारपत्र में ख़बर को प्रकाशित किया गया। उक्त अधिकारी ने समाचार तो वह कितनी मुश्किल से विवश हो कर कार्य भार मुक्त हुआ।
इस बयान के बाद राजस्व विभाग और शासन की साख पर सवाल उठने लगे।
खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया और
खुलासे के बाद पूरे जिले में जनचर्चा तेज़ हुई। किसान से लेकर आम जनप्रतिनिधियों तक ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।
लगातार बढ़ते जनदबाव और मीडिया में उठे सवालों के बाद कलेक्टर एवं जिला उपजिला निर्वाचन अधिकारी कार्रवाई करते हुए शांतनु बांधे एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो टाइपिस्ट को हटाने का आदेश जारी किया। तथा उपजिला निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ किया गया है। अभी फिलहाल कृष्ण कुमार सिन्हा को पदभार संभालने जिम्मेदार सौंपी गई है ।
ग्रामीण व जनप्रतिनिधि ने स्वागत करते हुए कहा —
यह कदम देर से सही, लेकिन राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता लाने वाला है। अब विभागीय अधिकारियों को भी नियमों का पालन करना होगा।
शासन आदेश की जीत मनमानी पर लगा ब्रेक
इस कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन के आदेशों की अवहेलना करने वालों पर अब कार्रवाई निश्चित है।
देवभोग ब्लॉक का यह मामला छत्तीसगढ़ के लिए एक मिसाल बन गया है, कि जब मीडिया सच दिखाती है, तो शासन को जवाब देना ही पड़ता है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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