नक्सल दंश के अंधेरे से पक्के मकान की रौशनी तक

जिला प्रमुख नवीन दांदडें 

सुकमा (छत्तीसगढ़)नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां कभी भय, असुरक्षा और हिंसा का साया छाया रहता था, वहीं अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में नई रोशनी और भरोसा ला रही हैं। सुकमा जिले के केरलापाल क्षेत्र की निवासी श्रीमती अनिशा वर्मा की कहानी इसी सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई है।

2017: जब उजड़ गया खुशियों का संसार

वर्ष 2017 अनिशा वर्मा के परिवार के लिए एक ऐसा काला अध्याय लेकर आया, जिसने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। नक्सलियों ने मुखबिरी के झूठे शक में उनके पुत्र करण वर्मा की कोयाबेकुर चौक पर गोली मारकर हत्या कर दी। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार गहरे सदमे और भय के माहौल में जीने को मजबूर हो गया।

वर्षों तक यह परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में असुरक्षा और डर के साये में जीवन बिताता रहा।

शासन की पहल: मिला सुरक्षित पक्का आवास

परिवार की स्थिति को देखते हुए शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत विशेष परियोजना में वर्ष 2024 में अनिशा वर्मा (पति श्री संजय वर्मा) के नाम पर पक्का मकान स्वीकृत किया।

शासन द्वारा 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे आज यह परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और सम्मानजनक घर में रह रहा है।

लाभार्थी की जुबानी

भावुक होते हुए अनिशा वर्मा ने कहा—

“पहले हम हर समय डर में जीते थे, लेकिन अब अपने घर में सुरक्षित महसूस करते हैं। अब चैन की नींद आती है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन की आभारी हूँ।”

बदलाव की सजीव तस्वीर

कभी जर्जर कच्चे मकान में रहने वाला यह परिवार आज नीले-सफेद रंग के पक्के घर में रह रहा है। यह घर सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बन गया है।

अनिशा वर्मा की कहानी यह साबित करती है कि यदि शासन की योजनाएं सही लाभार्थी तक पहुंचें, तो वे न सिर्फ जीवन बदलती हैं बल्कि टूटे हुए मनोबल को भी फिर से खड़ा कर देती हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में यह बदलाव विकास और विश्वास की नई दिशा दिखा रहा है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है