जिला प्रमुख नवीन दांदडे राजधानी से जनता तक/सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। लगातार चल रहे सघन सर्चिंग ऑपरेशन के दबाव में माओवादियों द्वारा जंगलों में छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में कैश और हथियारों का डंप बरामद किया गया है।
बरामद सामग्री में शामिल:
▪️ ₹10 लाख नगद
▪️ इंसास LMG – 01 नग
▪️ AK-47 – 02 नग
▪️ .303 राइफल – 03 नग
▪️ AK-47 राउंड – 14 नग
.303 राउंड – 13 नग
2 ईनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर केकेबीएन डिवीजन (ओडिशा) में सक्रिय दो माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति का मार्ग अपनाया।
आत्मसमर्पण करने वाले दोनों माओवादी पर कुल ₹16 लाख का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पित माओवादी:
▪️ जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे (₹8 लाख ईनाम)
▪️ सोनी उर्फ माड़वी कोसी (₹8 लाख ईनाम)
दोनों ने आज रक्षित आरक्षी केंद्र सुकमा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक सुकमा ने बताया कि जिले में माओवादी संगठन अब लगभग समाप्ति की ओर है। लगातार ऑपरेशन और विकास कार्यों के चलते दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं।
पुनर्वास नीति का असर
छत्तीसगढ़ शासन की
आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अब तक कई माओवादी हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपना रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा, कौशल प्रशिक्षण और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है।
सुकमा में मिली यह सफलता ‘नक्सल मुक्त बस्तर’ अभियान के लिए एक निर्णायक उपलब्धि मानी जा रही है, जो क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में मजबूत संकेत देती है।
Author: ISHWAR NAURANGE
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