गरियाबंद-:जिले के गरियाबंद अंतर्गत छुरा थाना क्षेत्र में नाबालिग से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस की गोपनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि छुरा थाना में दर्ज एक नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले का आवेदन और उससे संबंधित दस्तावेज सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नाबालिग पीड़िता की मां ने थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि एक युवक द्वारा उसकी बेटी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया गया। मामले में पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 64, 351(3) तथा पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिस मामले में कानून के अनुसार पीड़िता की पहचान और पूरी जानकारी गोपनीय रखी जानी चाहिए, उसी मामले से जुड़ा आवेदन सोशल मीडिया में वायरल हो गया। वायरल दस्तावेज में कई संवेदनशील जानकारियां भी सामने आ रही हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि नाबालिग से जुड़े मामलों में गोपनीयता बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में अगर थाने में दिए गए आवेदन या उससे जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया तक पहुंच रही है, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है।
बताया जा रहा है कि यह मामला एक समुदाय विशेष से जुड़ा होने के कारण भी संवेदनशील है। समाज के लोगों का कहना है कि नाबालिग की अस्मिता से जुड़ा मामला सार्वजनिक होना बेहद चिंताजनक है और इससे पीड़िता व उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर यह पता लगाया जाए कि थाने में जमा आवेदन सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा। साथ ही इस मामले की जांच कर रहे जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी तय की जाए और यदि लापरवाही पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि नाबालिग से जुड़े मामलों में गोपनीयता भंग होना कानून का उल्लंघन है, इसलिए प्रशासन को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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