गरियाबंद नालंदा के तर्ज पर बनने वाली लाइब्रेरी निर्माण पर लगी रोक, शासन ने जारी किए निर्देश
4.33 करोड़ की लागत से बननी थी 250 सीटर लाइब्रेरी
गरियाबंद। जिला मुख्यालय स्थित पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय परिसर में नालंदा परिसर की तर्ज पर बनने वाली 250 सीटर लाइब्रेरी के निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। करीब 4.33 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित इस निर्माण पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत के बाद केंद्र और राज्य स्तर से रोक लगाई गई है। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद राज्य शासन ने नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए हैं।
बता दे कि, नगर पालिका द्वारा स्कूल परिसर में लगभग एक एकड़ भूमि चिन्हांकित कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी (नालंदा परिसर) बनाने की योजना थी। इसमें छात्रों के लिए अध्ययन कक्ष, डिजिटल संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु व्यवस्था प्रस्तावित थी। हालांकि, शुरुआत से ही शाला विकास एवं प्रबंधन समिति ने इसका विरोध किया।
समिति का कहना था कि चयनित स्थल स्कूल का मुख्य खेल मैदान है, जहां फुटबॉल, हॉकी और वॉलीबॉल जैसी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती हैं। निर्माण होने से छात्रों और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध मैदान का बड़ा हिस्सा खत्म हो जाता। वहीं समिति का यह आरोप भी था कि उनसे लाइब्रेरी निर्माण के लिए विधिवत अनुमति भी नहीं ली गई थी। जिसे लेकर समिति ने जिला प्रशासन को कई बार लिखित आपत्ति दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद समिति अध्यक्ष अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी ने 2 मार्च को सीधे पीएमओ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 18 मार्च को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अवर सचिव विपिंदर चंदर चमोली ने राज्य शासन को मामले की जांच कर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। जिसके बाद 23 मार्च को समग्र शिक्षा के आयुक्त ने कलेक्टर को पत्राचार कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश भेजे। हालाकि इसके बाद भी मामला दबा ही हुआ था।
प्रभारी सचिव ने भी कहा दूसरी जगह देखे
शुक्रवार को जब जिले की प्रभारी सचिव आर. संगीता पीएमश्री स्कूल निरीक्षण के लिए पहुंची तो फिर से यह मुद्दा उठा। समिति अध्यक्ष प्रशांत मानिकपुरी ने उन्हें इस मामले की जानकारी दी। जिसके बाद प्रभारी सचिव ने मौके पर ही कलेक्टर बीएस उईके को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूल परिसर के स्थान पर लाइब्रेरी के लिए वैकल्पिक स्थान चयनित किया जाए। इसके बाद कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारी को पत्र जारी कर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
इधर, राज्य शासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय परिसर में किसी भी निर्माण कार्य के लिए शाला प्रबंधन समिति की अनुमति अनिवार्य है, जो इस मामले में नहीं ली गई थी। यह भी कहा गया कि पीएमश्री योजना के तहत चयनित विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विकसित किया जाना है, ऐसे में बिना समन्वय के निर्माण कार्य से स्कूल के मूल स्वरूप और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए यह भविष्य में भी बिना अनुमति और समन्वय के किसी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए।
समिति अध्यक्ष प्रशांत मानिकपुरी ने कहा कि यह मैदान केवल स्कूल का नहीं, बल्कि जिले की खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, जहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। उन्होंने निर्माण पर रोक को छात्रों और खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
क्या है नालंदा तर्ज का परिसर?
नालंदा परिसर की तर्ज पर बनने वाली इस लाइब्रेरी में 250 विद्यार्थियों के एक साथ अध्ययन की सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-रिसोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना थी। अब इसके लिए वैकल्पिक स्थान की तलाश की जाएगी।
1. 2 मार्च: पीएमओ में शिकायत दर्ज
2. 18 मार्च: शिक्षा मंत्रालय ने राज्य को दिए जांच के निर्देश
3. 23 मार्च: समग्र शिक्षा आयुक्त ने कलेक्टर को लिखा पत्र
4. 27 मार्च: कलेक्टर ने निर्माण कार्य पर लगाई रोक
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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