जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले के सुदूर और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम पुवर्ती से एक बेहद प्रेरणादायक और उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील पहल ने एक गंभीर रूप से कुपोषित बच्ची को नया जीवन दिया है।
ग्राम पुवर्ती की मासूम बच्ची कु. अनिता का वजन कभी महज ढाई किलो के आसपास रह गया था। अत्यधिक कमजोरी के कारण उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और उसे माँ का दूध भी नहीं मिल पा रहा था। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के चलते परिवार समय पर बेहतर इलाज नहीं करा पा रहा था, जिससे बच्ची के जीवन पर खतरा मंडरा रहा था।
इसी बीच कलेक्टर श्री अमित कुमार का जगरगुंडा और पुवर्ती क्षेत्र का फील्ड दौरा हुआ। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र पुवर्ती-02 का जायजा लिया और कुपोषित बच्चों की जानकारी ली। कार्यकर्ता द्वारा अनिता की गंभीर स्थिति बताने पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए बीएमओ और महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
निर्देश के बाद उसी दिन अनिता को जिला अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम ने लगभग 15 दिनों तक गहन निगरानी में उसका इलाज किया। नियमित पोषण, विशेष देखभाल और चिकित्सकीय उपचार से बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ।
आज अनिता पूरी तरह कुपोषण से उबर चुकी है और उसका वजन बढ़कर 5 किलोग्राम तक पहुँच गया है। स्वस्थ होने के बाद वह अपने घर लौट गई है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है।
यह सफलता प्रशासन की संवेदनशीलता, तत्परता और जमीनी स्तर पर काम कर रही टीमों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। साथ ही यह उदाहरण भी पेश करती है कि समय पर की गई सही पहल से गंभीर से गंभीर परिस्थितियों को बदला जा सकता है।
कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में जिले में कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को यह एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और भी बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद जगाती है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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