बरमकेला : सरकारी स्कूल बच्चों के नसीब में ‘खाली बर्तन’…

बिना थाली के कैसे सजेगा मिड-डे मील का आंगन?

 

अनुराज साहू जिला प्रमुख सारंगढ़ बिलाईगढ़ राजधानी से जनता तक 

 

बरमकेला:

कहते हैं “भूखे पेट भजन नहीं होय गोपाला”, लेकिन बरमकेला ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में तो अलग ही ‘खेला’ चल रहा है। पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में बर्तन तो भेजे गए हैं, लेकिन उनमें सबसे जरूरी चीज़—थाली—ही गायब है। अब सवाल यह है कि बच्चे खाना क्या हवा में खाएंगे या सीधे कढ़ाई से?

 

आधा-अधूरा ‘पोषण’ और सिस्टम का ‘शोषण’-

 

बरमकेला ब्लॉक के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में किचन डिवाइस सामग्री की आपूर्ति की गई है। इसमें कुकर, कढ़ाई, बाल्टी और जग जैसे 14 प्रकार के बर्तन तो शामिल हैं, लेकिन बच्चों के भोजन के लिए थाली की आपूर्ति ही नहीं की गई।

 

पुरानी थालियों का सहारा-

 

2017-18 के बाद से अब तक थालियों का वितरण नहीं हुआ है, जिससे बच्चे पुरानी या टूटी थालियों में खाने को मजबूर हैं।

 

समाज सेवकों का रहमोकरम-

 

साल्हेओना के कुछ स्कूलों में तो समाज सेवकों ने थालियां दान की हैं, तब जाकर बच्चों का काम चल रहा है।

 

अजीबोगरीब ‘सर्वे’ और बंद स्कूलों को भी सामान!-

 

 

सिस्टम की लापरवाही का आलम तो देखिएजो स्कूल युक्तिकरण के तहत बंद हो चुके हैं, उनके नाम पर भी किचन सेट आवंटित कर दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, नौघटा , खैरडीह और बरमकेला जैसे उन स्कूलों को सामान नहीं मिला जहाँ बच्चों की संख्या सबसे अधिक है।

 

प्रशासन के लिए ‘कड़वे’ और तीखे सवाल-

 

क्या यह ‘जादुई’ बर्तन सेट है? बिना थाली और गिलास के बच्चों को खाना परोसने की कौन सी नई तकनीक विभाग ने ईजाद की है?

 

बंद स्कूलों से किसका मोह?

 

जो स्कूल कागजों पर बंद हैं, वहां बर्तन भेजकर कौन सा ‘मिड-डे मील’ पकाया जा रहा है?

 

8 साल का वनवास कब खत्म होगा?

 

2017 से अब तक थालियों की सुध न लेना क्या यह बच्चों के अधिकारों का अपमान नहीं है?

 

अफसरों की चुप्पी का राज क्या है?

 

बीईओ और एमडीएम प्रभारी सूची का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं, तो क्या सूची बनाने वाले अधिकारी बच्चों की संख्या गिनना भूल गए?

 

बर्तन तो चमचमा रहे हैं, लेकिन बच्चों की थालियां अब भी सूनी हैं। देखना यह है कि क्या शासन इन खाली बर्तनों को भरने की जहमत उठाएगा या फिर “सूची और प्रक्रिया” के नाम पर मासूमों का निवाला ऐसे ही संघर्षों के बीच बंटता रहेगा।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  

टॉप स्टोरीज