बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों और प्रावधानों पर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिशन वात्सल्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति केंद्र में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी शिवदास नेताम ने मिशन वात्सल्य योजना के उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना तथा संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहयोग उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015, दत्तक ग्रहण विनियम 2022 तथा पॉक्सो अधिनियम 2012 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों को बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने, बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने तथा संवेदनशील मामलों में प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाने के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।
कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा मिशन वात्सल्य, सखी, नवा विहान, चाइल्ड लाइन और मिशन शक्ति से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ-साथ बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जिले में बच्चों के हितों की सुरक्षा और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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