लघु वनोपज संघ जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सिदार विधानसभा लैलूंगा से कांग्रेस के प्रबल दावेदार

राजधानी से जनता तक । लैलूंगा । लघु वनोपज संघ जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सिदार ने विधानसभा लैलूंगा से कांग्रेस के प्रबल दावेदार है सुरेन्द्र सिंह सिदार लघु वनोपज संघ जिला अध्यक्ष एवं कांग्रेस कमेटी जिलाउपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। सुरेन्द्र सिंह सिदार पिता स्व. बनमाली सिंह सिदार,ग्राम पोस्ट आमगाँव, तहसील थाना तमनार निवासी है ग्राम पंचायत आमगाँव के मालगुजार परिवार से ताल्लुक है।इनका व्यवसाय कृषि, ठेकेदारी सिविल एवं मैकेनिकल वर्क है।ग्राम पंचायत आमगाँव में 1994 से 2009 तक लगातार सरपंच पद में रहे। वे जिला पंचायत सदस्य 2015 से 2020 तक रहे । सुरेंद्र सिंह सिदार 2017 में जिला लघुवनोपज अध्यक्ष निर्वाचित हुए । 2017 से 2022 तक वे पदस्थ रहे एवं 2022 में भी पुनः निर्वाचित होकर वर्तमान में कार्यरत है। जिला कॉंग्रेस किसान कॉंग्रेस अध्यक्ष के रूप में भी सुरेंद्र 2017 से 2022 तक पद दायित्व का निर्वहन करते रहे । पिछले दो विधानसभा चुनावों से वे कांग्रेस से प्रबल दावेदार रहे हैं। विधानसभा लैलूंगा में सामाजिक,राजनीतिक बैठक, सम्मेलनो में वे हमेशा सक्रिय रहे हैं । ऊर्जावान एवं गोंड समाज के साथ सभी समाज से अच्छा संबंध तथा प्रभाव रखने वाले सुरेंद्र सिंह सिदार के चुनाव जीतने की प्रबल संभावना जमीनी कार्यकर्ता बता रहे हैं । उनके द्वारा लैलूंगा से प्रत्याशी हेतु आवेदन जमा करने से कांग्रेस के कार्यकर्ताओ में भारी उत्साह है।कांग्रेस भी इस बार इस सीट पर हर हाल में जीत हासिल करने की कोशिश में है। लिहाजा वो किसी मजबूत कैंडिडेट को चुनावी मैदान में उतार सकती है। कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की बात की जाए तो कांग्रेस के कद्दावर नेता सुरेंद्र सिदार का नाम सूची में सबसे आगे है। वर्तमान मे लघु वनोपज संघ जिला अध्यक्ष, एवं कांग्रेस कमेटी जिला उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत है अपने क्षेत्र में काफी सक्रीय है। सुरेंद्र सिदार लंबे समय से इस क्षेत्र में आदिवासी समाज का प्रतिऩिधित्व कर रहे हैं।कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह ने लगातार तीन बार जीत दर्ज कर जीत का विजय पताका फहराया1972 के परिसीमन के बाद लैलूंगा विधानसभा को फिर से विधानसभा क्षेत्र घोषित किया गया। नई सीट घोषित होने के बाद जब 1977 में यहां विधानसभा चुनाव हुए तो कांग्रेस से सुरेंद्र सिंह मैदान में थे और जनता पार्टी की ओर से प्रेम सिंह सिदार उम्मीदवार थे। इस चुनाव में कांग्रेस ने जनता पार्टी को 4355 वोट से हराया था। इसके बाद कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह ने 1980 और 1985 के विधानसभा चुनाव में भी प्रेम सिंह सिदार को हराया। हालांकि इन दोनों चुनाव में प्रेम सिंह भाजपा की ओर से उम्मीदवार थे। 1990 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर से प्रेम सिंह पर भरोसा जताया और उन्हें बतौर प्रत्याशी मैदान में उतारा। उस वक्त कांग्रेस की प्रत्याशी उर्वशी देवी थीं। इस चुनाव में प्रेम सिंह ने उर्वशी देवी को 7462 वोट के अंतर से हराया। इसके बाद प्रेम सिंह ने 1993 और 1998 का विधानसभा चुनाव भी भाजपा की टिकट पर जीता। साल 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रेम सिंह 7वीं बार चुनावी मैदान में थे, लेकिन उन्हें कांग्रेस के सत्यानंद राठिया ने 5890 वोटों से हरा दिया। इस तरह प्रेम सिंह की चुनावी पारी समाप्त हो गई।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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