संवेदना से शांति की ओर: सुकमा में पुनर्वास मॉडल बना मिसाल ,सुकमा में 25 आत्मसमर्पित नक्सलियों की परिजनों से मुलाकात

जिला प्रमुख नवीन दांदडें

सुकमा/ जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को प्रभावी और मानवीय स्वर देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव और पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में 25 आत्मसमर्पित माओवादियों को जिला जेल सुकमा से उनके परिजनों से मिलने ले जाया गया। प्रशासन के इस कदम ने समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ ही पुनर्वास प्रक्रिया को नई दिशा प्रदान की है। विगत दिनों गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के सुकमा जिले में पुनर्वास केंद्र भ्रमण के दौरान जिलाधिकारियों को परिजनों से मुलाकात कराने के निर्देश दिए गए तह। इसी तारतम्य में जिला प्रशासन के द्वारा मुलाकात के लिए 25 आत्मसमर्पित लोगों को जिला जेल सुकमा लेकर गए थे। मुलाकात के दौरान कई पूर्व नक्सली अपने परिजनों को देखकर भावुक हो उठे। वर्षों बाद अपने माता-पिता, भाइयों और बच्चों से रूबरू होने का अवसर मिलने से उनके चेहरे पर उम्मीद की चमक साफ दिखाई दी। परिजनों ने भी जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से उनके अपने मुख्यधारा की ओर तेजी से लौट सकेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को सामाजिक जीवन से जोड़ना और परिवारिक समर्थन उपलब्ध कराना पुनर्वास का मुख्य आधार है। ऐसे कदम उनके भीतर सुरक्षा, विश्वास और मानसिक मजबूती बढ़ाते हैं, जो हिंसा की राह छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुलाकात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और पूरे कार्यक्रम की निगरानी अधिकारी स्वयं कर रहे थे। दिलचस्प यह रहा कि आत्मसमर्पित नक्सली अपने परिजनों के लिए फल, बिस्किट, नमकीन और अचार जैसे सामान लेकर पहुंचे, जिससे उनका अपनत्व और बदली सोच स्पष्ट दिखाई दी।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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