डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा ऐलान—हिंसा छोड़ें, गाँव को ‘नक्सल मुक्त’ बनाएं और पाएं 1 करोड़ का विकास फंड
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा – बस्तर के घोर संवेदनशील और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई दिशा तय करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने सुकमा जिले के जगरगुंडा प्रवास के दौरान शांति, पुनर्वास और समग्र विकास का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर का भविष्य अब बंदूक की गूंज से नहीं, बल्कि विकास और खुशहाली की बयार से तय होगा।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ‘नियद नेल्ला नार’ योजना की समीक्षा करते हुए इसे जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाली पहल बताया। बैठक में पारंपरिक समाज प्रमुखों—गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा सहित जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने नक्सल हिंसा से मुक्ति के लिए ऐतिहासिक घोषणा की।
नक्सल मुक्ति का ‘करोड़पति’ फॉर्मूला
डिप्टी सीएम ने ऐलान किया कि जो ग्राम अपने सभी भटके युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर स्वयं को ‘सशस्त्र नक्सल हिंसा मुक्त’ घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना के अंतर्गत 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही संबंधित जनपद पंचायत सदस्य को 10 लाख रुपये एवं जिला पंचायत सदस्य को 15 लाख रुपये की विकास निधि दी जाएगी। यह राशि सीधे गाँव के बुनियादी ढांचे और सर्वांगीण विकास में उपयोग होगी।
वनोपज संग्राहक से व्यवसायी बनने की दिशा
श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर के गाँव अब केवल वनोपज संग्रह तक सीमित नहीं रहेंगे। गाँवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर ग्रामीणों को उत्पादक और उद्यमी बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सुरक्षा कैंप बने विकास के सेतु
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा कैंप अब केवल नक्सलवाद रोकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सरकारी योजनाओं के सुविधा केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यधारा में लौटने की अपील
उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में भटक रहे युवाओं को पुनर्वास नीति का लाभ लेने और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें।
मैदानी स्तर पर दिखा असर
कार्यक्रम के दौरान विकास योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ भी ग्रामीणों को दिया गया—
कृषि एवं उद्यानिकी सशक्तिकरण:
किसानों को उन्नत मूंग एवं उड़द के बीज वितरित किए गए।
50 किसानों को टमाटर व बैंगन के उन्नत पौधे प्रदान किए गए।
17 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सौंपे गए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी पहल:
‘नियद नेल्ला नार’ योजना के अंतर्गत सिलगेर, कोंडासावली और तिमापुरम जैसे दुर्गम क्षेत्रों के 40 मोतियाबिंद मरीजों को विशेष बस से जिला अस्पताल भेजा गया, जिसे उपमुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को NQAS प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हिंसा कभी विकास का मार्ग नहीं हो सकती। सरकार बस्तर के हर कोने तक शांति, सुरक्षा और विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने उपमुख्यमंत्री की अनुमति से की।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष कोंटा श्रीमती कुसुमलता कोवासी, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष श्रीमती राधा नायक, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, सरपंच जगरगुंडा श्रीमती नित्या कोसमा सहित एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, आईजी श्री पी. सुंदरराज, कलेक्टर श्री अमित कुमार, एसपी श्री किरण चव्हाण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित रहे।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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