रॉयल्टी क्लीयरेंस के लिए सांठगांठ कर रही कंपनी
इंडस्ट्रियल एरिया में उपयोग की गई गौण खनिज सामग्री की रॉयल्टी पर्ची ही नहीं, काम की गुणवत्ता बेहद खराब, सेप्टिक टैंक जमीन से चार फुट ऊपर
राजधानी से जनता तक – रायगढ़ | मौहापाली में बनाए गए इंडस्ट्रियल एरिया में गुणवत्ता तो बेहद खराब है। अब रॉयल्टी क्लीयरेंस में भी गड़बड़ी सामने आ रही है। कंपनी के पास उपयोग किए गए खनिज का पर्ची ही नहीं है। इस वजह से बिल अटक गया है। अब भुगतान पाने के लिए सांठगांठ की जा रही है। कामों की क्वालिटी को लेकर सीएसआईडीसी खुद भी लापरवाह है। रायगढ़ तहसील के मौहापाली-सियारपाली में छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने छोटे उद्योग लगाने के लिए 32 एकड़ में 50 प्लॉट आवंटन की योजना बनाई है।

सड़क और भवन तो बन चुके हैं। दो शेड भी बनाए गए हैं। वर्ष 2017-18 में शुरू हुए प्रोजेक्ट का ठेका रायपुर कंस्ट्रक्शन प्रालि को मिला था जिसके डायरेक्टर मोहम्मद असगर और मोहम्मद आमिर हैं। 8.23 करोड़ रुपए की प्रारंभिक लागत अब दस करोड़ से अधिक हो चुकी है। इतनी राशि में भी निर्माण ठीक से नहीं किया गया। भवनों की क्वालिटी सही नहीं है। दीवारों में दरारें आने लगी हैं। यहा पानी के लिए जो पाइपलाइन बिछाई गई है, वह खुले में डाल दी गई है। यह कभी भी डैमेज हो सकती है। अब यहां की रॉयल्टी क्लीयरेंस का मामला भी अटक गया है।
दरअसल ठेकेदार ने काम पूरा दिखाकर फाइनल बिल क्लेम कर दिया है। ईई और जेई ने भी इसे सबमिट कर दिया। लेकिल रेत, गिट्टी समेत अन्य सामग्रियों के रॉयल्टी क्लीयरेंस ही नहीं हैं। हजारों टन खनिज अवैध तरीके से खपाए गए। क्लीयरेंस सर्टिफिकेट पाने के लिए कंपनी अब सांठगांठ करने में लगी है। दो दफ्तर के लिए भवन, एक कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र के अलावा दो शेड का निर्माण किया गया है। देखने में लगता है कि किसी भी बिल्डिंग में 20 लाख से अधिक खर्च नहीं किया गया है। सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।

टॉयलेट से तीन फुट ऊपर है सेप्टिक टैंक
कार्यालय का परिसर बहुत ही घटिया नक्शे पर बनाया गया है। हैरानी की बात है कि करीब दो एकड़ जमीन पर बिना किसी प्लानिंग के निर्माण कर लिए गए। पीछे शेड की ओर गाड़ी जाने के रास्ते में पाइप लाइन बिछा दी गई है। इधर दफ्तर में लगी सामग्रियां बहुत खराब क्वालिटी की हैं। दफ्तर के पीछे सेप्टिक टैंक बनाया गया है, वह टॉयलेट से तीन फुट ऊंचा है। जमीन की सतह से चार फुट ऊपर तक इसे बनाया गया है। बिजली और पानी का कनेक्शन नहीं हुआ है।
पेमेंट रोककर होनी चाहिए जांच
दस करोड़ की लागत से बने इंडस्ट्रियल एरिया में दफ्तर और शेड का काम बहुत स्तरहीन है। रोड भी कई महीनों से बन गई है, अब तो इसके मरम्मत की जरूरत होने वाली है। सडक़ का उपयोग इंड सिनर्जी के कर्मचारी कर रहे हैं। भारी वाहन भी इससे आवाजाही कर रहे थे जिसे रोका गया। जिस स्तर का काम ठेकेदार असगर और आमिर ने किया है, उसकी जांच करने की जरूरत है। जिन सामानों की बिलिंग की गई है, वह लगे ही नहीं हैं।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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