राजधानी से जनता तक । रायगढ़ । अनुकम्पा नियुक्ति की आश लिए वर्षों से विभाग के चक्कर काट रहा महंत परिवार
शासन के आदेशानुसार किसी शासकीय कर्मचारी की बीमारी से उसके कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है तो मृतक के परिवार के किसी भी योग्य सदस्य को उनके स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति योग्यता के आधार पर दी जाती है।महंत परिवार जो रायगढ़ जिले के विकासखण्ड लैलूंगा के ग्राम पंचायत गमेकेला के निवासी हैं एवं मृतक स्वर्गीय श्री जयब्रत दास महंत रायगढ़ वन मंडल के वन विभाग घरघोडा में फॉरेस्ट गार्ड के पद पर पदस्थ थे जिसमे मृतक स्वर्गीय श्री जयब्रत दास महंत की दिल की बीमारी से अपने कार्यकाल के दौरान ही दिनांक 14/05/2000 को मृत्यु हो गई,मृत्यु उपरांत शासन के नियमानुसार समय सीमा पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया गया लेकिन विभाग से कोई जवाब नहीं मिला,तत्पश्चात पुनः अनुकंपा नियुक्ति के लिए कई बार आवेदन विभाग को दिया गया अंततः कई साल बीतने के पश्चात विभाग से पत्र के माध्यम से जवाब दिया गया जिसमे लिखा था कि “मृत्यु दिनांक से तीन वर्ष तक विभाग में एक भी पद उपलब्ध नहीं होने एवं तीन वर्ष बीत जाने के बाद अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता समाप्त हो जाती है यदि वनमण्डल रायगढ़ में एक भी पद रिक्त नहीं था तो बिलासपुर वृत्त को सूचित कर वहां योग्यता के आधार पर किसी भी पद पे नियुक्ति दी जा सकती थी और यदि बिलासपुर वृत्त में भी एक भी पद रिक्त नहीं था तो वन मंडल हेड सी.एफ. ऑफिस को सूचित कर अनुकंपा में नियुक्ति दी जा सकती थी,अनुकंपा नियुक्ति के प्रावधानों के अनुसार यदि छत्तीसगढ़ के वन विभाग कहीं भी पद रिक्त नहीं था तो जिला कलेक्टर को सूचित किया जाना था जिला कलेक्टर द्वारा उनके अधीनस्थ विभागों में जहां भी पद रिक्त था वहां मृतक के परिवार के किसी भी सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाती,लेकिन उक्त मामले को चंद पैसों के लालच में दबा दिया गया।उक्त मामले से यह बात स्पष्ट होता है कि शासन की सेवा करने वाले शासकीय कर्मचारी के परिवार के प्रति शासन को कोई परवाह नहीं है।।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
छत्तीसगढ़ में लोकप्रिय होता हुआ राजधानी से जनता तक दैनिक अखबार के साथ न्यूज पोर्टल, यूटयूब चैनल,जो दिन की छोटी बड़ी खबरों को जनमानस के बिच पहुंचाती है और सेवा के लिए तत्पर रहती है dainikrajdhanisejantatak@gmail.com



