राजधानी से जनता तक । रायगढ़ । शासकीय उचित मूल्य की दुकान iD क्रमांक 411001025 आईटीआई कॉलोनी के संचालक ही बने खरीदार दुकान के अंदर ही दुकान संचालक 22रु.के हिसाब से खरीद रहा चावल
गरीबों को एक रुपए किलो की दर से प्रति व्यक्ति 35 किलो चावल देने वाली योजना बिचौलियों के जाल में फंस रही है। हालात यह है कि कई सोसायटी के आसपास जमे बिचौलिए दुकान से चावल लेकर निकले गरीब को वहीं घेर लेते हैं लेकिन बिडंबना ये है कि अब शासकीय उचित मूल्य की दुकान
iD क्रमांक 411001025 आईटीआई कॉलोनी के संचालक कामता पटेल विक्रेता ही बने खरीददार बन कर 22 रुपए प्रति किलो की दर से हितग्राहियो का पूरा चावल खरीद रहे हैं। और हितग्राहियो को ये भी कहते है चावल यही ही बेचना है आप चावल यहा नहीं बेच कर बाहर बेचेगे तो मुझे पता चल जायेगा और मेरा आप का सम्बन्ध खराब हो जायेगा.
जब हमने सोसायटी पहुंच कर कई हितग्राहियो से बात की तो हितग्राहियो ने नाम ना बताने के शर्त मे बताया की हम लोग चावल लेकर सोसायटी संचालक को ही 22 रु. प्रति किलो के हिसाब से चावल को बेच देते है. इसे बाद में बाजार में दुगने दाम में बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा है। गरीब भी इस चावल के बदले नगद पैसों के लालच में फंस रहे हैं। आज रविवार क़ो हमारे संवाददाता ने रायगढ़ की शासकीय उचित मूल्य की दुकान iD क्रमांक 411001025 आईटीआई कॉलोनी राशन दुकानों की ग्राउंड रिपोर्ट की तो चौंकाने वाले हालात मिले वार्ड न. 24 व 25 के अंतर्गत आने वाले शासकीय उचित मूल्य की दुकान जो कि आईटीआई कॉलोनी में संचालित है यह सोसाइटी के संचालक कामता पटेल है जहां देखा गया कि विक्रेता के द्वारा ही हितग्राहियों से 22 रुपए प्रति किलो की दर से पूरा चावल खरीद रहे है । कल रविवार को समय सुबह 10 से 11बजे के बीच हमारी टीम शासकीय उचित मूल्य की दुकान iD क्रमांक 411001025 आईटीआई कॉलोनी राशन दुकान पहुंची तो विक्रेता के द्वारा हितग्राहियों को दिया हुआ चावल को हितग्राहियों के द्वारा राशन दुकान संचालक के द्वारा हितग्राहियों का चावल खरीदा जा रहा है जब हमने संचालक से जानकारी ले चाही तो संचालक का जवाब हाँ चावल लेता हु आप को जो कर सकते हो कर लो कई वार्ड. होने के कारण पर चावल की बिक्री सर्वाधिक होती है। दो-तीन खरीदार यहां पर नियमित रूप से सुबह से खड़े रहते है। चावल कार्डधारी से लेकर वे वाहनों में रखते हैं और ढोते रहते हैं।
योजना की एक हकीकत- 1 रु. किलो चावल लेकर निकले गरीब दुकान की चौखट के अंदर ही 22रु.के हिसाब से बेच रहे, अफसर कहते हैं-उनकी संपत्ति है कुछ भी करें सोसायटी संचालक को खादय विभाग का आशीर्वाद प्राप्त व नेताओं का संरक्षण प्राप्त होने के कारण आज तक इस सोसायटी संचालक पर कोई कड़ी कार्यवाही नहीं होती. कुछ महीनों पहले भी इस सोसायटी की खरीद बिक्री की खबर चलाई गई थी और आज वर्तमान मे भी वही हालत देखी गई रसूकदार व उची पहुंच होने के कारण इस सोसायटी संचालक के हौसले सातो आसमान मे है इसी कारण खादय विभाग के अधिकारीयों इन संचालको पर कार्यवाही करने मे कतराते है
पीडीएस का चावल बेचना और खरीदना दोनों अपराध, विक्रेता व ग्राहक दोनों पर हो सकती है कार्रवाई
सस्ता राशन जिन उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है वे उसे यदि बेच रहे हैं तो यह अपराध है। वहीं पीडीएस के राशन को खरीदने वाला खरीदार भी अपराधी होगा। क्योंकि इस प्रकार राशन को खरीद कर बेचना सरकार के उद्देश्य व उसके नियम का उल्लंघन ही है। इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जिले में सरकार द्वारा बीपीएल के अलावा एपीएल हितग्राहियों को राशनकार्ड जारी किये गये है इन कार्डधारकों द्वारा पीडीएस की दुकान से चावल लेने के बाद बिचौलियों को बेच दिया जाता है। ऐसे बिचौलिए दुकानों के आसपास ही सक्रिय रहते हैं पर दुकान संचालक व खद्य विभाग के अधिकारी इन पर कार्रवाई करने से बचते हैं। दुकानदार तो कार्ड में जिनका नाम होता है उनकी तस्वीर लेने के बाद ही राशन देते हैं, इसलिए वे बच जाते हैं कि बाहर वह अपने सामान का कुछ भी करे। लेकिन विभागीय अधिकारी ऐसे लोगों पर जो सस्ता राशन लेकर बेचते हैं व जो खरीदते हैं उन पर कार्रवाई कर सकते हैं।
क्या कहते है सोसायटी संचालक कामता पटेल – जब हमने जानकारी लेनी चाही तो कामता पटेल का कहना मै कुछ भी करू आप को क्या आप लोग जाओ यहाँ से और जो भी कर सकते है कर सकते कर लीजिये.
क्या कहते है खाद्य अधिकारी – जब हमने खाद्य अधिकारी से संपर्क किया तो खाद्य अधिकारी को खरीद बिक्री की जानकारी दी गई तो खाद्य अधिकारी ने कहाँ की मै जांच कराकर उचित कार्यवाही की जाएगी.

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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