राजधानी से जनता तक । गरियाबंद। देवभोग – तेल नदी पार छत्तीस गांव के किसानों ने अपने खेतों में धान की फसल सही वक्त पर पानी नहीं गिरने की बजह से इसी साल अल्प बारिश हुई है जिससे किसानों का भारी मात्रा में धान फसल, रोपाई ब्यासी ठीक से नहीं हों पाई है।विगत वर्षों की भांति इस वर्ष किसान अपने खेतों से कम मात्रा में धान पैदावार हो सकता है।जिस समय किसानों को पानी कि आवश्यक था,उसी वक्त बारिश नहीं हुई, और बेवक्त में पानी गिरा तो किसानों का धान फसल उस वक्त जल गई, और धान पानी नहीं होने से पत्ते सुख कर सिकुड़ने लगी। इसी तरह काफी किसानों का धान फसल नुकसान हुई है। जैसे ही प्रशासन धान खरीदी के लिए अपने सहकारी समिति में कार्यरत कर्मचारियों को आदेशित किया गया है,भनक लगते ही प्राथमिक साख सहकारी समिति झिरीपानी के अंतर्गत धान विक्रय करने वाले किसानों ने एक बैठक रखें जिसमें सभी ग्रामीण किसानों ने अपने अपने गांव के खेतों में धान फसल की पैदावार हुई स्थिति को बैठक में सुनाई गई। बैठक में उपस्थित सभी किसान भाइयों ने बताया कि इस साल हमारे खेतों में धान फसल नहीं हुआ है,हम कहां से धान ला कर उपार्जन केन्द्र में विक्रय करेंगे। इसी लिए हम सभी किसान भाई का निर्णय यह है कि इस साल हम धान उपार्जन केन्द्रों में नहीं देने का फैसला लिया गया है। आज के इस बैठक में उपस्थित सभी किसानों ने अहम फैसला लेते हुए प्राथमिक साख सहकारी समिति प्रबंधक को लिखित रूप से आवेदन पत्र थमाई गई है। झिरीपानी प्राथमिक साख सहकारी समिति में शामिल गांव का नाम है – झिरीपानी ,डूमरबाहाल ,केन्दूवन,खोकसरा ,ठिरलीगुडा़ ,सेन्दमुडा़ , खम्हार गुड़ा,सुपेबेडा़ इन सभी 8 गांवों के किसान भाइयों ने झिरीपानी धान खरीदी उपार्जन केन्द्र में बैठक रखी गई थी। जिसमें आठ गांवों के किसान भाइयों ने प्रशासन से दो मुद्दे पर चर्चा किए गए –
1. आठ गांवों के सभी किसान भाई धान खरीदी उपार्जन केन्द्र में विक्रय नहीं करने पर विशेष चर्चा।
2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सभी किसानों को फसल बीमा कंपनी मुआवजा दिया जाए।
इन दोनों मुद्दों पर भी बैठक में विचार किया गया।
बैठक में आठ गांवों के सभी किसानों उपस्थित थे।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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