गड्डो में तब्दील हुई सड़क, ना विभाग के अधिकारी दे रहे हैं ध्यान, ना ही जनप्रतिनिधि
या कर रहे हैं किसी बड़े हादसे का इंतजार?
रायगढ़ । राज्य सरकार भले ही ग्रामीण सड़कों को मुख्य सड़क से जोड़ने की ढिढोंरा पीटती हो किंतु जमीनी सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। यह मामला नगर पालिका निगम के अंतर्गत आने वाला वार्ड. न. 48 शालिनी स्कूल रोड का है शालिनी स्कूल से इंदिरा विहार तक का मुख्य मार्ग मे तलाबनुमा गड्ढे बन चुके हैं सड़क अपनी जर्जरता के कारण खुद अपने बदहाली पर आंसू बहा रही है मुख्य सड़क आज इतनी जर्जर है की पैदल चलना भी लोगों का मुश्किल है। 24 घंटे भारी वाहनों के आवा जाहि के कारण यहां 24 घंटे धूल का अंबार लगा हुआ है जिससे स्थानीय निवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है आखिर क्या मामला है कि वे इन सड़कों के उपर ध्यान नहीं दे रहे हैं यह मार्ग कई ग्राम पंचायत को जोड़ता है। इस मुख्य मार्ग पर हर दिन भगवान का नाम लेकर चलना पड़ता है। इसे बनाने को लेकर सरकारी अफसरों एवं जनप्रतिनिधियों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई दें रही है इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहनों चलते है।
सड़क आज तालाब के रूप में तब्दील हो चुकी है। स्थिति इतनी भयावह है जिसके कारण रोज कोई न कोई रहागीर हादसे का शिकार हो रहे हैं यह मुख्य मार्ग होने के कारण नियमित रूप से ड्यूटी आने जाने वाले शिक्षक, प्लांट के कर्मचारी, गांव के ग्रामीण, व वार्डवासीयों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है मुख्य मार्ग में कई दिनों पहले एक्सीडेंट भी हो चुका है एक बड़ी आबादी इस मुख्य मार्ग पर निर्भर है गांव के ग्रामीण सब्जी उत्पादन कर बाजार तक पहुंचाना, बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल तक आना, रोगियों को डॉक्टर के पास ले जाने में ग्रामीणों को इन दिनों कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है इस मुख्य मार्ग की हालत बद से बदतर बनी हुई है इस मार्ग पर चार पहिया वाहन हिचकोले खाते हुए पार होती है इस मुख्य मार्ग पर चलने वाले राहगीर अपनी जान हथेली में लेकर चलते हैं इस मुख्य मार्ग को बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है या फिर कोई बड़ी हादसे का इंतजार कर रहे हैं इस मार्ग पर यदि गांव का कोई प्रसव पीड़ित महिला को प्रसव दर्द उठ जाए तो जर्जर सड़क के कारण मरने के सिवा कोई चारा नहीं बचेगा ऐसे में सरकारी महक़मे पर उंगली उठाना लाजिमी है?
सड़क समझ कर सरपट भागने की कोशिश जान लेवा हो सकती है। क्योंकि इस नाम से चर्चित इस शहर की सड़कों की हालत वैसी नहीं हैं। कारण गड्ढे में सड़क है, या फिर सड़क में गड्ढे यह पता भी नहीं चलेगा। इनमें कुछ तो डेंजर जोन के रूप में मुंह बाए खड़ी है।
ऐसे में इन गड्ढों वाली सड़कों की हालत ऐसी बन चुकी है कि सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी। हास्यास्पद तो यह कि ही यह जिला प्रशासन को दिखाई दे रहा है और ही नगर निगम को। लाखों खर्च कर बनाई इन सड़कों की दशा और दुर्दशा को देखने वाला कोई नहीं है। दिन के समय में तो फिर भी गनीमत है, पर रात का सफर तो बिल्कुल ही नहीं।
हैरत तो इस बात की है कि शहर के पॉश एरिया की सड़कों की हालत भी ऐसी है। गली कूचे की तो भगवान ही मालिक है
हालत यह हो गई कि इन वाहनों का बोझ नहीं सह पाई और जगह-जगह टूट कर जानलेवा गड्ढों में जब्दील हो गई।
शहर के पॉश एरिया में शुमार ग्रीन सिटी कॉलोनी की मेन सड़क पर भी काफी बड़ा गड्ढ़ा बना है। हल्की बारिश में ही यहां पानी भर जाता है। इसके कारण इस गड्ढ़े का आकार बढ़ गया। इधर, हर रोज कई वाहन गुजरते है। जिसके चलते इसकी हालत और बिगड़ रही है। इस बाय पास रोड पर गाड़ियों के गुजरने से बना एक छोटा सा खड्डा आज काफी बड़ा बन चुका है। इस सड़क से गुजरना खतरे से कम नहीं है।
रोजे होते हैं हादसे, कोई नहीं देता ध्यान शहर में सड़कों की हालत खस्ता होने से हर रोज लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। पर प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। अगर शहर में सड़कों की हालत ठीक होती तो हादसे कम होते हैं। यहां की टूटी फूटी ज्यादातर हादसों के लिए जिम्मेदार हैं।
खस्ताहाल हैं शहर की सड़कें, पैदल चलना भी हो जाता है मुश्किल: ” शहरकी सड़कों की हालत तो खस्ता है। ऊपर से सड़क पर बने बड़े-बड़े गढ्ढ़े हादसों को न्यौता देते हैं। इन गड्ढों में अक्सर वाहन चालक पैदल चलने वाले अपना नुकसान कर लेते हैं। इसमें वाहन तो दूर की बात है, इधर से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
क्या कहते है स्थानीय निवासी बृजलाल चौहान =प्रशासन को गड्ढ़ों को तुरंत भरवाना चाहिए: ” बेशक सरकार विकास करने के दावे कर रही है। लेकिन सड़कों की हालत इस प्रकार की है कि विकास का कोई भी पैसा सड़कों पर खर्च किया गया नजर नहीं आता। सड़कों की हालत इतनी बुरी है कि लोग अक्सर हादसों का शिकार होते हैं। गड्ढ़ों को तुरंत भरे जाने चाहिए ताकि हादसा ना हो। इस मुख्य मार्ग की हालत बाद से बेहतर हो गई है जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी विभाग इस मार्ग को बनवाने में ध्यान नहीं दे रहे हैं
जिसका भुगतान वार्ड वासी कर्मचारी सहित इस मार्ग पर अवगमन करने वाली जनता इस जर्जर मार्ग का भुगतान भोग रही है.
क्या कहते हैं अजित प्रधान स्थानीय निवासी = यह मार्ग मे तलाबनुमा बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं लेकिन शासन-प्रशासन कुंभकरण निद्रा में विलीन है पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कोई बड़े हादसे का इंतजार कर रही है नेता तो सिर्फ चुनाव के समय बोट मांगने के लिए आते है पद पाने के बाद आम जनता को उनके हालात पर छोड़ देते हैं उनको जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं होता. हम जनता अपनी समस्याएं जनप्रतिनिधि को बताते हैं तो जनप्रतिनिधियों के द्वारा सिर्फ आश्वासन मिलता है इस मार्ग पर रोजाना कई निगम के कर्मी व कई शासकीय कर्मचारी का आना-जाना है उसके बाद भी इस मार्ग की हालत बद से बदतर है अब हम वार्ड वासियों का तो इन प्रतिनिधियों से भरोसा ही उठ गया है
क्या कहते हैं नारायण यादव स्थानीय निवासी यह सड़क तालाबनुमा गड्डो में तब्दील हो गया है इस सड़क की और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहे हैं इस सड़क पर 24 घंटा धूल का अंबार लगा रहता है जिससे आने-जाने में राहगीरों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है

Author: Rajdhani Se Janta Tak
छत्तीसगढ़ में लोकप्रिय होता हुआ राजधानी से जनता तक दैनिक अखबार के साथ न्यूज पोर्टल, यूटयूब चैनल,जो दिन की छोटी बड़ी खबरों को जनमानस के बिच पहुंचाती है और सेवा के लिए तत्पर रहती है dainikrajdhanisejantatak@gmail.com



