राजधानी से जनता तक । गरियाबंद । बीते कुछ महीनों से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों से धान खरीद कर रही है। जहां तक संभव है कि इस साल धान खरीदी जल्द ही समाप्त होने वाली है। चुकी लगातार किसानों ने मंडी में टोकन कटवाकर अधिक संख्या में बेच चुके है। गरियाबंद जिले के विकास खण्ड मैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत झरगांव धान उपार्जन केन्द्र में बीते कुछ दिनों में लगातार बारिश हुई थी,उसी वक्त किसानों से खरीद कर मंडी में रखीं हुई धान पानी भींगने से लगभग 8-10 बोरी धान अंकुरित होनें पर खराब हुई है। इतना नुक़सान पहुंचने के बावजूद भी खरीदी प्रभारी शासन -प्रशासन तक यह जानकारी देने से आंखें बंद कर दिया गया । इस अंकुरित धान को भरपाई करने के लिए खरीदी प्रभारी मनमानी से किसानों से धान खरीदी कर रहा है। गांवों के किसानों का कहना है कि हमसे प्रति क्विंटल धान 41.300,400 किलो ग्राम खरीदी
किया जा रहा है।व धान खरीदी के वक्त किसानों के धान में कुछ न कुछ खुबी निकाल कर ऐठा जा रहा है।
सोमवार को राजधानी से जनता तक दैनिक अखबार का जिला संवाददाता द्वारा फिल्ड में ख़बर कवरेज करने गए हुए पत्रकार को झरगांव निवासी रामानुज नेताम ने फोन के माध्यम से दबंग दिखाते हुए कहा कि आज दिन पर्यन्त तक झरगांव धान उपार्जन केन्द्र में अब तक कोई भी अधिकारी और न ही कोई पत्रकार मंडी के अंदर प्रवेश किया बता कर साफ़ मना किया गया। ऐसा क्या वजह हो सकती है?जो कि आज के 5 साल होने को जा रहा है झरगांव धान उपार्जन केन्द्र में अधिकारी, कर्मचारी तथा किसानों की समस्या को अखबार के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने वाली पत्रकार तक मंडी प्रांगण में प्रवेश नहीं किए हैं। क्या रामानुज नेताम के माध्यम से यह झरगांव धान उपार्जन केन्द्र संचालित की जा रही है।जो कि किसानों के समस्या व धान खरीदी उपार्जन केन्द्र में धान परिवहन जैसे अन्य समस्याएं की स्थिति को लेकर संवाददाता पर दबाव बनाया गया। तथा मंडी प्रांगण में प्रवेश करने से साफ साफ मना किया गया। आखिर रामानुज नेताम झरगांव धान उपार्जन केन्द्र में किस पद पर कार्यरत है, जोकि एक जनता का हित में काम करने वाला पत्रकार को दबाने कि कोशिश किया गया। झरगांव निवासी रामानुज नेताम खुद को एक पत्रकार कहता है। और मंडी में धान खरीदी उपार्जन केन्द्र में काम कर रहा है। क्या पत्रकार को धान उपार्जन केन्द्र में धान खरीद करने का काम है।वह खुद पत्रकार तो है, लेकिन किसानों से क्या -क्या नही करता होगा। इसका अर्थ हुआ कि झरगांव धान उपार्जन केन्द्र में धान खरीदी मनमानी किया जा रहा है। मंडी में आने जाने के लिए कोई भी अधिकारी, कर्मचारी व पत्रकारों को प्रतिबंध लगाया गया है।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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