घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र में ग्राम पंचायत को मिलेगा संचालन का ठेका
राजधानी से जनता तक । रायगढ़ । रायगढ़ जिले में रेत के लिए हाहाकार मचा हुआ है। एक भी रेतघाट स्वीकृत नहीं होने के कारण कई निर्माण कार्य थम गए हैं। अवैध रेत निकासी पर खनिज विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। अब तक कई रेत घाट शुरू हो गए होते लेकिन घरघोड़ा की पूर्व एसडीएम ने पांच खदानों की फाइल आगे ही नहीं बढ़ाई। जिले में रायगढ़ और पुसौर के अलावा बाकी पांचों ब्लॉक पांचवी अनुसूची क्षेत्र होने के कारण रेतघाटों का संचालन ग्राम पंचायतों को दिया जाना है। वर्तमान में नीलामी में दी गई रेत खदानों के लिए आवंटी को दोबारा पर्यावरण स्वीकृति लानी पड़ी। उम्मीद थी कि रायगढ़ और खरसिया मिलाकर तीन रेतघाट शुरू हो जाएंगे लेकिन दो निरस्त हो गए।
अब जानकारी मिली है कि छह महीने पहले ही घरघोड़ा में पांच रेत खदानें शुरू हो सकती थी। दरअसल खनिज विभाग ने रेतघाट फगुरम, कंचनपुर, टेरम औैर बैहामुड़ा के प्रतिवेदनके लिए घरघोड़ा एसडीएम को फाइल भेजी थी। प्रस्ताव के अनुसार राजस्व विभाग को चिह्नित रेतघाट का एक प्रतिवेदन बनाकर देना था। इसके बाद ग्राम सभा में प्रस्ताव रखकर इसे पारित करवाना था। लेकिन इस प्रक्रिया पर पूर्व एसडीएम ने ध्यान ही नहीं दिया। बताया जा रहा है कि अब घरघोड़ा में रमेश मोर को एसडीएम बनाकर भेजा गया है। खनिज विभाग ने दोबारा फाइल भेजी है। आने वाले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में भी कई रेतघाटों को मंजूरी मिल सकती है।
ट्रैक्टर पर एक लाख से ज्यादा पेनाल्टी
खनिज विभाग ने पिछले दिनों रेत का अवैध परिवहन करने पर कई ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इनके प्रकरण आरटीओ को भी भेजे गए थे। दरअसल कृषि कार्य के नाम पर लोन से लिए गए ट्रैक्टरों से रेत का कारोबार हो रहा था। इसलिए परिवहन विभाग ने भी नियमों के तहत पेनाल्टी लगाई है। एक-एक ट्रैक्टर की पेनाल्टी एक लाख रुपए से अधिक हो गई है। पहले मामूली पेनाल्टी देकर गाडिय़ां छूट जाती थी, लेकिन अब यह बंद हो गया है।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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