लैलूंगा के सीमावर्ती समितियों में चल रहा बड़ा खेल, रकबा समर्पण करने के बजाय किसान दे रहे बिचौलियों का साथ, राजस्व और खाद्य विभाग ने की कार्रवाई
राजधानी से जनता तक । रायगढ़ । शुक्रवार को ओडिशा से आ रहे धान को समिति पहुंचने के पहले ही पकड़ लिया गया। लैलूंगा में हुई कार्रवाई में कई खुलासे भी हुए। पता चला है कि ओडिशा से 100 बोरी के लॉट में धान लाया जाता है। इधर रायगढ़ में छातामुड़ा और गढ़उमरिया में जांच हुई तो एक जगह धान कम मिला तो दूसरे जगह ज्यादा।
धान खरीदी के अंतिम दिनों में अवैध धान खपाने का ही काम चल रहा है। 21 क्विंटल कोटा को पूरा करने के लिए बिचौलियों से धान मंगवाकर बेचा जा रहा है। समिति प्रबंधक इसमें सीधे तौर पर शामिल हैं। शुक्रवार को खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह, डीएमओ प्रवीण पैकरा, डीएम नान आदिनारायण, और डीआरसीएस चंद्रशेखर जायसवाल और खाद्य निरीक्षक चूड़ामणि सिदार ने छातामुड़ा एवं गढ़उमरिया उपार्जन केंद्र का संयुक्त निरीक्षण किया। दोनों केंद्रों में अनियमितताएं पाईं गईं।
छातामुड़ा में ऑनलाइन स्टॉक से 849 बोरा (339.60 क्विं.) धान ज्यादा पाया गया। धान के किसी भी स्टेक में बोर्ड नहीं लगा था। धान स्कंध पंजी, धान खरीदी विवरण पंजी, आवक पंजी, बारदाना पंजी अपडेट ही नहीं थे। गढ़उमरिया में ऑनलाइन स्टॉक से 2070 बोरा (828 क्विं.) धान कम पाया गया। सरना धान 2155 बोरा मिलना था लेकिन 3501 बोरा मिला। मोटा धान के नाम पर 1346 बोरा चढ़ाया गया है। फड़ में 7524 धान भरा बोरा बिना स्टेकिंग और सिलाई के पाए गए। बारदानों में भी हेरा-फेरी की गई है। दोनों के प्रबंधकों को नोटिस दिया जा रहा है।
इधर लैलूंगा में तहसीलदार और खाद्य निरीक्षक ने तोलगे समिति के पास धान से भरा ट्रैक्टर पकड़ा। चालक रविशंकर ने बताया कि यह धान किसी और के कहने पर ओडिशा से लाया। पता चला कि ओडिशा का धान रेगुलर आ रहा है, जिसमें 100 बोरे का एक लॉट होता है। सौ बोरी धान समेत ट्रैक्टर को जब्त कर समिति के सुपुर्द किया गया है।
एक से दूसरे आदमी का मिला लिंक
ट्रैक्टर चालक ने बताया कि वह सिर्फ धान का परिवहन करता है। 100 बोरी धान लमडांड़ के परखित प्रधान के कहने पर ला रहा था। परखित के घर पर पहले से 100 बोरी धान डंप था। उसने बताया कि भवानी पटेल भी इस काम में संलिप्त है। भवानी के गोदाम में 220 बोरा धान मिला। उसने धान को टिकेश्वर का बताया। पूछताछ करने पर 140 क्विंटल का टोकन कटवाए जाने की जानकारी मिली लेकिन उतना धान ही नहीं था। मतलब 140 क्विंटल का कोटा पूरा करने ओडिशा से धान लाया जा रहा था। लिबरा समिति में भी जांच की गई। वहां भी ओडिशा से धान लाकर खपाए जाने की पुष्टि हुई है। एसडीएम लैलूंगा को रिपोर्ट दी गई है।
धरमजयगढ़ में खेल, सिसरिंगा में क्या हुआ
धरमजयगढ़ में कई समितियों में खेल चल रहा है। खाद्य निरीक्षक अजीत कुजूर ने सिसरिंगा समिति में जांच की है जिसमें भारी अनियमितता पाई गई। बारदानों की एंट्री में बड़ा खेल हुआ है। बिना भौतिक रूप से बारदाना प्राप्त किए पावती दे दी गई है। यहां बोगस खरीदी की गई है। खाद्य निरीक्षक ने कई गड़बडिय़ों को बाहर नहीं आने दिया है।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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