*रविन्द्र टंडन/मस्तुरी* – मनरेगा के मटेरियल निर्माण कार्यो मे ठेकेदारो का बल्ले बल्ले,निर्माण कार्य में कर रहे जम कर मनमानी। अधिकारियों का दौरा नही होने से मानक दर पर नही हो रहे कार्य। निर्माण के गुणवत्ता को लेकर उठ रहे कई सवाल।
दरसल हम बात कर रहे है मस्तूरी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत नवागांव (हरदाडीह) का जहाँ मनरेगा के तहत आर सी सी नाली निर्माण कार्य ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा है। नाली निर्माण में गिट्टी के बजाय ठेकेदार डस्ट और जीरा का उपयोग कर मटेरियल का पैसा बचा रहे है। लेकिन इनके निर्माण कार्य पर सवाल उठ रहे है कि क्या गुणवत्ताहीन नाली 5 वर्ष तक टिक पाएगा। या फिर कुछ ही सालों में धराशाही हो जाएगा। शासन जिस उद्देश्य से नाली निर्माण करा रहा है ताकि गाँव का पानी का निकासी हो सके। अब इंजीनियर के कार्यशीली पर भी सवाल उठ रहे है। क्योंकि इंजीनियर साहब को फील्ड में जाकर देखना होता है और स्टीमेट के अनुरूप कार्य करना होता है। लेकिन ऐसा नही है।
*मामले पर इंजीनियर ने क्या कहा..*
जब हमने मामले की जानकारी इंजीनियर साहब संतोष देवांगन को बताया की नाली निर्माण में डस्ट और जीरा डाला जा रहा है तब इंजीनियर साहब ने चौकाने वाली बात कही.. डस्ट में सीमेंट का मात्रा होता है इसीलिए डस्ट को साइड नीचे और ऊपर साइड में डाल रहे है।
*इनके जवाब से हम भी दंग रह गए कि अब डस्ट में भी सीमेंट मिलने लगे।*
*सरपंच ने कहा..*
जानकारी के लिए जब हमने सरपंच से बात किया तब नाली के बारे में जानकारी नही है मैं दूसरे दिन देख कर बताने की बात कही।

Author: Ravindra Tandan



