खान प्रबंधक राजकुमार और महाप्रबंधक प्रदीप कुमार द्वारा गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए कई मजदूरों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का किया गया कोशिश जिस पर वन मंडला अधिकारी सूरजपुर पंकज कमल क्यों साधे हुए हैं चुप्पी
माइनिंग गतिविधियों से परिपक्व व जानकार व्यक्ति को लेकर यदि वन विभाग का बड़ा अधिकारी शिवानी भूमिगत खदान के अंदर जाकर जांच करें तो कई भ्रष्टाचार के पर्दे खुलेंगे जिस पर एसईसीएल के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार और शिवानी भूमिगत खदान के खान प्रबंधक राजकुमार ने डाल रखा है पर्दा
मोहन प्रताप सिंह
राजधानी से जनता तक. सुरजपुर/:– एसईसीएल भटगाँव क्षेत्र के शिवानी भूमिगत खदान का मार्च महीने से वन पर्यावरण विभाग का सी० टी० ओ० (CTO) का नवीनीकरण न हो पाने या समाप्त होने के कारण इस खदान को संबधित विभाग द्वारा नोटिस देकर बंद करा दिया गया था, परंतु एसईसीएल भटगाँव क्षेत्र के महाप्रबंधक के आदेश पर खान प्रबंधक राजकुमार द्वारा चोरी छिपे तरीके से पूरा मार्च, अप्रैल, मई व प्रथम सप्ताह जून तक अवैध तरीके से कोयले का माइनिंग कराया गया है जो कि गैर कानूनी व न्यायोचित नहीं है।
गुप चुप तरीके से चल रहा है शिवानी भूमिगत खदान में उत्पादन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिवानी भूमिगत खान, में मैन राईडर लगा हुआ है जिससे मजदूरों व कर्मचारियों को खदान के पैनल जहां वर्किंग होता है वहाँ तक लाने ले जाने की व्यवस्था है उसे ‘जीरो लेवल” पर खॉन के अंदर ही खडा करके रखा जाता है वहाँ तक पैदल चलकर कर्मचारियों को जीरो लेवल पर बुलाकर खड़े मैन राईडर” से अंदर ले जाया जाता है, मैन राईडर को बाहर नहीं लाया जाता ताकि देखने वालों को लगे कि खदान में कार्य बंद पड़ा है।
महाप्रबंधक और खान प्रबंधक की मनमानी चरम पर
खान प्रबंधक राजकुमार द्वारा भटगांव क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार के आदेश पर L1 सीम के 9 L पैनल से जो कि वन विभाग की भूमि पर स्थित है व जहाँ पर वन विभाग की अनुमति न होने व CTO समाप्त होने के कारण खनन कार्यों के साथ पूरे शिवानी खांन को बंद किया गया था वहां चोरी हुये प्रबंधन दुवारा मार्च से जून प्रथम सप्ताह तक 24D/Rise से पिलर संख्या 06, 07, 08, 09, 10, 11, 12 को डायगोनल पार्ट में चिराई कर गैर कानूनी तरीके से कोयले का माइनिंत्र किया गया है जिसकी शिकायत वन विभाग व संबधित अधिकारियों से की गई है तब जाकर जून माह के प्रथम सप्ताह से वहाँ कार्य को महाप्रबंधक भटगाँव दुबारा बंद कराया गया है।
एसईसीएल शिवानी भूमिगत खदान में गैर कानूनी तरीके से नियम कानूनों कि धज्जियां उड़ाते हुए भारत सरकार व कोयला कानूनों का वायलेशन करते हुए कोयले का उत्पादन बंद किये खदान से किया जाना न्यायोचित नहीं है। इस मामले में निष्पक्ष जाँच व दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिएँ।
एसईसीएल शिवानी भूमिगत खदान में 42LE पैनल से खदान के छत में किये गये सपोर्ट, बियरिंग प्लेट को खान प्रबंधक द्वारा खुलवाकर 81LW पैनल में वर्तमान में लगवाया जा रहा है जो गैर कानूनी व CMR-1957/2017 व DGMS के कानूनी प्रावधानो का उलंघन है।
एसईसीएल शिवानी भूमिगत खदान में ही 11 सीम LW चैनल जो बंद है वहाँ से भी, रुफ बियरिंग प्लेट खुलवाया जा रहा है, जो मजदूरों के लिए काफी खतरनाक व जानलेवा साबित हो सकता है।

Author: Mohan Pratap Shingh
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