रायगढ़ l धरमजयगढ़ के भालू पखना गाँव में धनबादा पावर प्लांट संचालित है, धनबादा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लघुजल विद्युत परियोजना के तहत 33 के व्ही ट्रांसमिशन लाइन का कार्य किया जा रहा हैं, उसके तहत कंपनी के अधिकारिगण बिना किसानों के आदेश के उनके खेतों में पिलर लगाना प्रारंभ कर दिए हैं, ट्रांसमिशन लाइन का अधिकांश हिस्सा फारेस्ट एरिया में आता हैं, जब फारेस्ट अधिकारियों से इसकी जानकारी ली गई तो पता चला कि फारेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा कंपनी के ऊपर वन संरक्षण अधिनियम 1980 के उलंघन के तहत कार्यवाही की जा रही हैं, क्योंकि वन विभाग से बिना अनुमति लिए कंपनी वन विभाग की जमीन पर स्ट्रक्चर खड़ा कर दी थी, जिसकी जाँच करने के लिए CCF की टीम 2 दिन पहले ही धनबादा कंपनी की साइट भालु पखना आई हुई थी, जिन्होंने जाँच में कंपनी को गलत पाया हैं, अब देखना होगा कि क्या वन विभाग कंपनी पर कोई कार्यवाही करती हैं या फिर पहले की तरह 33kv ट्रांसमिशन लाइन में भी इसी तरह कंपनी अपनी मनमानी रवैये से निमयों को नजर अंदाज करते हुए किसानो के हक़ की जमीन बिना अनुमति के पिलर लगाकर हड़पने की कोशिश करेगी। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों से पता चला हैं कि कंपनी वन विभाग द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भी जोरशोर से पुनः कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, अब देखना होगा खबर प्रकाशन के बाद अधिकारी इस पर किस तरह की कार्यवाही करते है ।

Author: Prakash Jaiswal



