देवभोग अनुविभागीय अधिकारी ने लगाई खोकसरा में जनदर्शन शिविर हजारों लोगों की सुनी समस्याए त्वरित किया गया निराकरण …!!!

गरियाबंद– गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में आज देवभोग अनुविभागीय अधिकारी मरकाम ने लगाया खोकसरा में जनदर्शन कार्यक्रम।जनदर्शन के दौरान उपस्थित सभी ग्रामीणों की अनेकानेक समस्याएं सुनी और किया तत्काल निदान।

                           ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनों की दैनंदिन मूलभूत सुविधाएं जैसे कि प्रधानमंत्री सड़क,शिक्षा,पानी ,राशन,आंगनबाडी़ इत्यादि ,मे मिल रहे पोषण आहार के संबंध में जानकारी लेते दिखे।खोखसरा सरपंच ने गांव में उपस्थित सरकारी भूमी सीमांकन की मांग रखी । अनुविभागीय अधिकारी मरकाम ने टीम गठित कर जल्द सरकारी भूमि सीमांकन करवाने का आदेश जारी किया।धान उपार्जन केंद्र खोकसरा में मंडी का कुछ हिस्सा लगानी भूमि है, इसी के चलते उक्त भूस्वामी गणेश नेताम से विचार विर्मश कर वर्ष 2024-2025 हेतु सहमति लिया गया।

                                    आंगनबाडी़ केंद्र में मिल रहे पोषण आहार व बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाओ के विषय पर चर्चा कर किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर तत्काल संपर्क करने की बात कही। शासकीय उचित मूल्य दुकान के विषय में भी जानकारी लेते हुए दिखे समय पर राशन मिल रहा या नहीं साफसफाई से लेकर आनाज की गुणवत्ता के विषय में ग्रामीणो से जानकारी ली गई जो संतोषप्रद पाया गया। इस तरह के पहल से ग्रामीण अब सीधे एसडीएम देवभोग के संर्पक में आते दिख रहे है जो जनता और जनताओ की समस्याओं के समाधान का बेहतर अवसर निर्मित करता दिख रहा है।आये दिन एसडीएम देवभोग ग्राम पंचायत स्तर पर जनदर्शन जैसे कार्यक्रम का आयोजन करते दिख जाते है इस विषय पर देवभोग एसडीएम से चर्चा करने पर कहा कि गांव के कुछ आंतरिक समस्या ऐसी भी होती है जो कार्यालय तक पंहुच नही पाती और ग्रामीण उस समस्या से जूझते दिख जाते है।

           यदि प्रत्येक गांव में जनदर्शन जैसे कार्यक्रम संचालित किये जायेंगे तो आमजनताओ के बीच पंहुचकर हम उनकी समस्याओं से रूबरू होकर समस्या का निदान कर सकते हैं।इससे जनता का अधिकारी वर्ग के प्रति भरोसा व विश्वास भी बना रहेगा और जनता के हम सीधा संर्पक में बने रहेंगे जिससे धरातल से लेकर मुख्यालय तक की समस्याओं को चिन्हांकित कर समाधान कर पायेंगे इस तरह के जनदर्शन जैसे कार्यक्रम निरंतर चलते रहेंगे ।

Prakash Jaiswal
Author: Prakash Jaiswal

यह भी पढ़ें

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

टॉप स्टोरीज

error: Content is protected !!