पत्रकार के खिलाफ झूठी शिकायत पर जांच हेतु संगठन ने दिया एस पी और कलेक्टर को ज्ञापन….!!!

गत दिनों कबीरधाम जिले के लोहारा स्वस्थ विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों का भ्रष्टाचार उजागर की खबर जिले के पत्रकार ऋषि कुंभकार द्वारा प्रकाशित किया गया था जिसके बाद सामुदाइक स्वस्थ केंद्र सहसपुर लोहारा के स्वस्थ कर्मियों के द्वारा उक्त पत्रकार के खिलाफ झूठी कहानी गढ़कर लोहारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसको ध्यान में रखते हुए जिले के पत्रकार संघ ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में निस्पक्छ जांच हेतु आवेदन पेस किया है और झुठी रिपोर्ट पर कार्यवाही की मांग की है।

 

ज्ञात हो की स्वास्थ्य कर्मियों का भ्रष्टाचार उजागर की खबर पर

बौखलाहट के चलते सच दिखाने वाले पत्रकार पर झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसपर जिले के पत्रकार संघ ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है ,सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन गंभीर आरोपों के बावजूद प्रशासन अब तक चुप्पी साधे हुए है कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और मरीजों की अनदेखी के आरोप कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता इस समस्या को और गंभीर बना रही है।

 

आखिरी सवाल यह उठता है कि सच को इंसाफ क्यू नही मिल पाता यह घटना केवल स.लोहारा स्वास्थ्य केंद्र तक सीमित नहीं है बल्की पुर्व मे भी जिले के पिपरिया स्वस्थ केंद्र मे नसबंदी ऑपरेशन पर पैसे का खेल देखने को मिला था जिसे न्यूज चैनल पर प्रमुखता से प्रकासित किया गया था जिस पर उन्हें भी धमकियां मिली थी अब अब सवाल यह सवाल उठाता है कि क्या पत्रकारों को उनकी जिम्मेदारी निभाने के लिए डराया-धमकाया जाएगा क्या सच्चाई के लिए लड़ने वालों को हमेशा ऐसे ही झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ेगा इस मामले में लोक सेवा (नैतिकता और जवाबदेही) अधिनियम का सीधा उल्लंघन प्रतीत होता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी शासकीय कर्मचारी जनता के हित में कार्य करने में अनियमितता करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है इसके साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सच्चाई का उजागर करने वाले पत्रकारों को बिना किसी दबाव या धमकी के अपने कर्तव्य का पालन करने का पूरा अधिकार हो ऐसे मामले स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से कहीं आगे बढ़कर हमारे समाज के उन बुनियादी सवालों तक पहुंचता है, जहां भ्रष्टाचार को उजागर करने वालों को कुचलने की साजिशें रची जा रही हैं अब देखना यह है कि प्रशासन और कानून किसे संरक्षण देता है क्या सच्चाई को उजागर करने वाले पत्रकारों को, या भ्रष्टाचार में लिप्त उन स्वास्थ्य कर्मियों को जो अपनी लापरवाही छिपाने के लिए हर हद पार कर चुके हैं इस मामले मे पत्रकारों को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से निस्पच्छ जांच और आरोपियों पर कार्यवाही की उम्मीद है।

Prakash Jaiswal
Author: Prakash Jaiswal

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