गरियाबंद– देवभोग क्षेत्र के अंतर्गत तेल नदी पार गांव केंदूवन से खोकसरा पीएम सड़क मार्ग उबड़-खाबड़ व गड्ढा बन गया है, बरसात में गढ्ढे बन जाने से पानी भर गया, और आकार भी बढ़ गई है जिससे आवाजाही राहगिरें वाहनों में सवार होकर प्रति रोज इन सड़कों से गुजरते रहते हैं,उसी दौरान सड़क मार्ग में वाहनों की पहिया सीधे गढ्ढे में जा कर फस जाए और एक बड़ी दुखित घटना घट जाए । स्कूली बच्चें व ग्रामीणों द्वारा बदहालाती सड़क मार्ग को मरम्मत कर आवाजाही लायक बनाई जाए। झाखरपारा मण्डल के भाजपाइयों द्वारा शिविर में कलेक्टर को आवेदन भी दिया गया है । ग्रामीणों का कहना यह है ,कि हमारे बाल बच्चे प्रति रोज इन सड़कों से गुजरते हुए झाखरपारा हायर सेकेण्डरी स्कूल में पढ़ने के लिए आते जाते रहते हैं। तेल नदी पार 36 गांवों में केवल झाखरपारा में ही हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित है, जिसे पढ़ने लिखने इस सड़क मार्ग से दुरआंचल के ग्राम झिरी पानी ,खोकसरा , निष्ठीगुडा़, सुपेबेडा़, फुली मुड़ा इन गांवों के विद्यार्थी हर रोज आते हैं।इन सड़क मार्ग को बनाए हुए 5-6 साल हो चुके हैं उच्च क्वालिटी मटेरियल नहीं डाला गया था, इसी लिए ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सका, जल्द ही सड़क मार्ग जर्जर उबड़-खाबड़ व गड्ढा बन गया है।खोकसरा से केंदूवन सड़क मार्ग की बदहालात स्थिति को देखकर ग्रामीण आवाजाही पथ राहगीरों को बड़ी चिंता हो रही हैं , कि पथ चालक वाहनों से सवार आते जाते वक्त कही बड़ी दुर्घटना न हो जाए।
झाखरपारा मण्डल के भाजपाइयों ने बताया कि अभी फिलहाल कुछ दिनों बाद सीनापाली में कलेक्टर जनसमस्या निवारण शिविर में तेल नदी पार छत्तीस गांवों के प्रधानमंत्री सड़क मार्ग की जर्जर व जहां कच्ची सड़कें हैं उन जगहों पर पीएम सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए लिखित रूप से आवेदन दिया गया है।
किंतु आज उसे देखकर ओर भी हालत बिगड़ गई है। चूंकि मुख्य सड़क बीच में गढ्ढे नाले में तब्दील हो गई है। बीच सड़क में पानी भर जाने से आवाजाही राहगीरों को अत्यधिक कठिनाइयां हो रही है।
छत्तीस गांवों के आम नागरिकों को सबसे ज्यादा समस्या सड़कों से है। चूंकि पीएम सड़क विभाग ने ठेकेदार को कार्य कराने जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो उक्त ठेकेदार अपनी मनमानी से काम कराते हैं,डामरीकरण सड़क पर निम्न क्वालिटी मटेरियल डलवा कर बड़ी आमदनी ऐठ लिये । ग्रामीणांचलों के क्षेत्र में जितने भी पीएम सड़क है, ज़्यादा दिनों तक टिक नहीं पा रही है और सड़क मार्ग जर्जर उबड़-खाबड़ व गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। अभी फिलहाल तेल नदी पार छत्तीस गांवों के झाखरपारा से बरही गांव तक पीएम सड़क बनाई गई थी, दो साल नहीं हुई है और सड़क बीच में जर्जर बड़े बड़े गढ्ढे बन गए हैं। ग्रामीण जनों का कहना है कि आखिर ये स्थिति हमारे गांवों अंचलों में ज्यादातर होती है। सड़क को मरम्मत करने दिन-व-दिन समय बीतता जा रहा है, फिर भी जस-का-तस पड़ा हुआ है। इसी लिए नदी पार छत्तीस गांवों के प्रधानमंत्री सड़कों को जहां जहां जर्जर व उबड़-खाबड़ गढ्ढा बन गया है, जल्द से जल्द मरम्मत कार्य करवा कर आवाजाही राहगीरों को आने जाने में सहुलियत हों सकें।

Author: Prakash Jaiswal



