गरियाबंद – छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए आगामी दिनों में धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होगी। इस संबंध में कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं, कि धान के अवैध परिवहन एवं संग्रहण पर कड़ी नजर रखते हुए लगातार कार्रवाई करने, तथा वास्तविक ग्रामीण किसानों से ही धान खरीदी कि जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उपार्जन केन्द्रों में कृषकों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि किसान सुगमता से धान विक्रय कर पाए। इसी तारतम्य में कलेक्टर दीपक अग्रवाल के निर्देशानुसार संबंधित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की जिला मुख्यालय में बैठक हुई थी। जिसमें देवभोग क्षेत्र में 15 चैक पोस्ट और 120 कर्मचारियों की ड्यूटी गरियाबंद कलेक्टर के आदेश पर लगाई गई है। आदेश के 9 दिन बीत चुके हैं,फिर भी चैक पोस्ट में ड्यूटी पर तैनात उक्त कर्मचारीयों की नदारत अब तक नहीं हुए है। इधर धल्ले से चार पहिया वाहनों में बैखोफ निडर होकर उड़िसा का धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की लालसा से अवैध कारोबारियों द्वारा गांवों में कृषकों के जगहों -जगहों पर डंपिंग किया जा रहा है। अभी फिलहाल कुछ ही दिनों बाद धान खरीदी उपार्जन केन्द्र शुरू होने वाली है । और अभी भी चैक पोस्ट में कलेक्टर द्वारा ड्यूटी लगाई गई स्थानीय कर्मचारीयों की कायाकल्प तैनाती स्थलों से छू-मंतर हो गये है। स्थानीय ग्रामीणों के मुख से यहां वहां घुमते फिरते चर्चा में कहा है कि उड़ीसा से धान रात दिन सीमा लांघ कर हजारों क्विंटल धान छत्तीसगढ़ में पहुंच रही हैं।जब टारगेट पूरा हो जाएगा तब चैक पोस्ट में ड्यूटी पर ना मात्र दिखावा करने के लिए कर्मचारी तैनात होंगे। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बताये गए कि हम सभी कर्मचारियों को ठहरने के लिए चैक पोस्ट में कुटिया बांस से अभी भी जिम्मेदार नहीं बनायें है। आखिर कैसे कर्मचारी खुले आसमान तथा बिना कोई दिवारी में रहकर ड्यूटी कर सकते हैं।

Author: Prakash Jaiswal



