मोहन प्रताप सिंह
राजधानी से जनता तक. सूरजपुर:- जिला स्तरीय राज्योत्सव में जिला शिक्षा अधिकारी रामललित पटेल के निर्देशानुसार, जिला परियोजना अधिकारी रोहित कुमार सोनी के नेतृत्व में शिक्षा विभाग के स्टॉल में साक्षरता प्राधिकरण के उल्लास मॉडल को प्रदर्शनी हेतु लगाई गई। प्रदर्शनी में साक्षरता प्राधिकरण के द्वारा शिक्षार्थियों को साक्षर करने उल्लास केंद्र व डिजिटल, वित्तीय लेनदेन पर आधारित मॉडल लगाया गया था जो उल्लास केंद्र से साक्षर बनकर महत्वपूर्ण जीवन कौशल को पाप्त कर चुके हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे जिलों में जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में सूरजपुर में भी राज्योत्सव का आयोजन किया गया जिसमें सभी विभाग के द्वारा अपने अपने मॉडल की प्रदर्शनी की गई थी जिसमें शिक्षा विभाग को भी अपने कार्यों को मॉडल के रूप में प्रदर्शन करने स्टॉल आबंटित हुई थी। जिसमें शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा व साक्षरता प्राधिकरण के द्वारा अपने कार्यों को मॉडल रूप में प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें साक्षरता मिशन प्राधिकरण के द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का उल्लास केंद्र व वित्तीय लेनदेन का आकर्षक मॉडल बनाकर प्रदर्शनी हेतु लगाई गई थी जिसका अवलोकन राज्योत्सव के अतिथियों के द्वारा किया गया। प्रदर्शनी को आम जनताओं ने काफी उत्साह के साथ देखा साथ ही कई लोगों ने इस मॉडल की बारीकी से जानकारी ली। उल्लास मॉडल को जिला रिसोर्स पर्सन कृष्ण कुमार ध्रुव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटेया व प्रेमनगर ब्लॉक मास्टर ट्रेनर करुणा पटेल शासकीय प्राथमिक शाला चितखई, पूर्णिमा टोप्पो शासकीय प्राथमिक शाला कौशलपुर के द्वारा मिलकर तैयार किया गया था। स्टॉल के प्रदर्शनी में लगे उल्लास केंद्र के प्रथम मॉडल में एक दसवीं, बारहवीं पढ़ने वाले विद्यार्थी स्वयंसेवी शिक्षक बनकर अपने मोहल्ले में 10 शिक्षार्थियों को अध्यापन करा रहे हैं। यह कक्षा शिक्षार्थियों के अनुसार उनके कार्य व दायित्वों को ध्यान में रखते हुए सुविधानुसार शाम के समय लगाई जा रही है जिसमें असाक्षर महिला व पुरुष शामिल है। इस उल्लास केंद्र में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के पांच घटक बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान, महत्वपूर्ण जीवन कौशल (डिजिटल, वित्तीय, कानूनी, मतदान, पर्यावरण आदि), व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा व सतत शिक्षा को शामिल कर शिक्षा दी जा रही है। दूसरा मॉडल वित्तीय लेनदेन पर आधारित था जिसमें उल्लास केंद्र में आकर असाक्षर अध्यापन कर इतना साक्षर हो गए है कि उनके द्वारा बाजार, राशन दुकान और अन्य लेनदेन में शामिल होकर टेक्नोलॉजी का उपयोग कर डिजिटल पमेंट करते हुए अपने जीवन कौशल में बदलाव लाकर अपने आत्मसम्मान में वृद्धि कर रहे हैं। अभी नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में जिले भर में उल्लास केंद्र संचालित है जहां शिक्षार्थी अध्यापन कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी कार्यक्रम में साक्षरता प्राधिकरण से विनेश यादव, सूरजपुर बीपीओ जयराम प्रसाद, रामानुजनगर बीपीओ रवींद्रनाथ, जिला रिसोर्स पर्सन कृष्ण कुमार ध्रुव, प्रेमनगर मास्टर ट्रेनर करुणा पटेल व पूर्णिमा टोप्पो ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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