जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों को एक बूंद पानी पीने को नसीब में नहीं मिल रहा है 

राजधानी से जनता तक । गरियाबंद । जिला संवाददाता-चरण सिंह क्षेत्रपाल । केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा गांवों-गांवों में संचालित हो रही है महात्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन योजना को सरकार खूब जोर दे रही है, चुकी ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों को घर में ही रहकर जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाने की मोदी सरकार कि मंशा है। इसी अनुरूप सरकार ने जल जीवन मिशन योजना के लिए लाखों करोड़ों रुपए स्वीकृत दी है।

जल जीवन मिशन कार्यों में धीमी

केन्द्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन योजना को लागू हुए कई सालों हो चुकें हैं, फिर भी मिशन कार्यों में धीमी है, धीमी गति से चल रही कार्य को देखकर उक्त ग्रामीणों ने बताया कि देवभोग क्षेत्र में जितने भी गांव है जहां जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा है, वहां खूब धीमी गति से कार्य करवाया जा रहा है।

जल जीवन मिशन योजना से ग्रामीण जनों को एक बूंद पानी पीने नसीब में नहीं मिल रहा है

   केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जल जीवन मिशन से ग्रामीण जनों को योजना से लाभ नहीं मिल रहा है, ऐसे कई गांव है जहां जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण हो चुका है किंतु आज दिन पर्यन्त तक ग्रामीण जनताओं को एक गिलास पानी पीने को नहीं मिल रहा है। मिशन का कार्य पूर्ण हो चुका किंतु ठेकेदार व संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी स्थलों की स्थिति को देखकर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराई नहीं जा रही है। जहां -जहां पानी टंकी, वाटर शेड पाइप लाइन का बिछाई कार्य पूर्ण हो चुकी है, लेकिन अभी तक उक्त ग्रामों में जल जीवन मिशन योजना से लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है।

जल जीवन मिशन योजना के तहत नल-जल कनेक्शन वाटर शेड निर्माण कार्य में गुणवत्ताहीन

देवभोग क्षेत्र में जितने भी गांव में जल जीवन मिशन योजना संचालित है, पूरी तरह से गुणवत्ताहीन कार्य हो रहा है, ग्रामीण नागरिकों के द्वारा बताई गई जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार व राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों को जल संकट से उबारने के लिए हर घर जल जीवन मिशन योजना को लागू किया गया है, जोकि ग्रामीण लोगों को घरों में ही जल की उपलब्धता हेतु यह योजना को लागू किया गया है।देवभोग क्षेत्र में जितने भी गांव में जल जीवन मिशन योजना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, और अभी तक योजना से ग्रामीण जनों को एक बूंद पानी पीने को नहीं मिला है और, ग्रामीण लोगों के घरों में बनाई गई नल-जल कनेक्शन वाटर सप्लाई पाइप लाइन इधर-उधर बिखरे पड़े हैं, तो चांदनी टूट फुट कर दरार पड़ कर नीचे गिर पड़ा हुआ है। यदि आंकड़ा लगाया जाए तो एक एक चांदनी को चार या पांच हजार रुपए की लागत से निर्माण किया गया है। जल जीवन मिशन योजना की भौतिक परिस्थिति खूब गड़बड़ी हुई हालात को कई गांवों में देखने को मिल सकती है।

ग्रामीण महिलाएं कोसो दूर से पानी लाने जाना पड़ता है महंगा

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पानी के लिए तरसने है, चुकी अधिक जनसंख्या में बसाहट ग्राम, मोहल्ला की निवासियों को 90% पानी की जरूरत रहती है, बिना जल से स्नान, खाना बनाना, पीना व अन्य घरेलू कामकाज में पानी की अधिक जरूरत होती है। योजना को लागू हुए कई साल बीत चुके हैं लेकिन 70% ग्रामीण जनताओं को एक बूंद पानी पीने को नसीब में नहीं मिल रहा है। नल-जल से ग्रामीण जनता अपने घरों की सकल घरेलू कामकाज को निर्भरता रखना चाहते थे लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार से मिशन योजनांतर्गत पानी की उपलब्धता में विराम लगा हुआ है। सभी ग्रामीण जनता जल जीवन मिशन योजना से पानी की इंतजार में दिनों-दिन निकलता जा रहा है, किंतु आज दिन पर्यन्त तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है।

‘जल जीवन मिशन ‘

 योजनांतर्गत विभागीय अधिकारी व कर्मचारीयों की गैर मौजूदगी में हुई है लीपापोती कार्य 

उक्त ग्रामीणों ने बताया कि देवभोग विकास खण्ड में बीते कुछ सालों से जल जीवन मिशन का कार्य संचालित हो रही है, किंतु आज दिन तक किसी भी गांव में संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारीयों की लगातार कार्य स्थलों पर नदारत नहीं है, इसी वजह से कार्य करने वाले एजेंसी ने अपनी मनमानी ढंग से काम कर रही है। यदि संबंधित विभाग एजेंसी को कठोर कदम उठाई होती तो जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता होती, चांदनी निर्माण कार्य व पानी टंकी निर्माण कार्यों में त्रुटी नहीं होती ।

देवभोग क्षेत्र के ग्रामीण जनता जल जीवन मिशन योजना से लाभ लेने में हो रहे वंचित

देवभोग विकास खण्ड के अधिकतर हिस्सों में जल पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती है, अभी कुछ ही दिनों तक वर्षा प्रकृति जल से आम जनता को नहाने धोने,व अन्य घरेलू कामकाजों में राहत मिल सकती है, जैसे ही गर्मी का मौसम आ जाएगी तो धरातलीय जल स्तरे धरती के नीचे धीरे धीरे सुख कर मैदान में परिवर्तन हो जाएगी। उसी दौरान अनेकों ग्रामों के ग्रामीण जनता धरातल जल में आत्मनिर्भर हो रहें हैं उन्हें जल संकट से जूझना पड़ सकता है। इसी लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जल जीवन मिशन योजना को जल्द ही चालू कर दी जानीं चाहिए। ताकि ग्रामीण इलाकों में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे,उन सभी लोगों को घर में ही रहकर जल की उपलब्धता हो सकें।

गरियाबंद कलेक्टर अग्रवाल द्वारा बार बार यह निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जहां जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण हो चुके हैं ऐसे गांवों में जल जीवन मिशन से ग्रामीण लोगों को जल की उपलब्धता की जाये। किंतु उक्त जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारीयों ने जल जीवन मिशन योजना को बंद कर रखा हुआ है। जहां पर जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण हो चुके हैं ऐसे गांवों में जल उपलब्ध कराने के जगह ताला बंद कर दिया गया है।

मिशन को लेकर ग्रामीण जनताओं ने यह कहा कि

नल-जल योजनाओं को लागू हुए कई साल हो गए हैं लेकिन हमें इसकी लाभ नहीं मिल रहा है। चूंकि संबंधित विभाग व ठेकेदार कार्य को पूर्ण तो क्या हुआ है।किन्तु योजना से एक गिलास पानी पीने को अभी तक नहीं मिल रहा है । आखिर कब तक हमें जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी ? या ऐसे ही दिखावे के लिए ही जल जीवन मिशन योजना को लागू किया गया है। हमारे गांवों में सीसी सड़क, पीएम सड़क मार्ग को तोड़ फोड़ कर जमीन नीचे से पानी बहने के लिए जमीन को खोदा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालातें बद से बद्तर बना दिया गया है, आने – जाने में सहुलियत हों रही थी।जिसे देखने से ऐसा लगता है कि पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले पत्थरों के इलाकों में रहने जैसा प्रतीत होता है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

छत्तीसगढ़ में लोकप्रिय होता हुआ राजधानी से जनता तक दैनिक अखबार के साथ न्यूज पोर्टल, यूटयूब चैनल,जो दिन की छोटी बड़ी खबरों को जनमानस के बिच पहुंचाती है और सेवा के लिए तत्पर रहती है dainikrajdhanisejantatak@gmail.com

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