राजधानी से जनता तक । गरियाबंद । जिला संवाददाता-चरण सिंह क्षेत्रपाल । मैनपुर महिला बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका दोनों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भारी भ्रष्टाचार का अंजाम दिया गया है एवं कार्यालय महिला बाल विकास परियोजना मैनपुर सदैव विवाद रहता है।आपको बता दें कि जितनी बार भी भर्ती की प्रक्रिया व नियुक्तियां हुई है,हर बार चयन समिति द्वारा व्यापक पैमाने रूप से गड़बड़ियां पाई गई है।विश्वस्त्र सूत्रों कि माने तो जिससे जितनी मोटी रकम में सौदा हो जाय उसी का नियुक्ति कर दिया जाता है। फिर उसे कभी लिपीकिय त्रुटि मानकर मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया जाता है।जो अभ्यर्थी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति में पात्रता के श्रेणी में नहीं आते ऐसे अभ्यर्थियों को रकम लेकर नियुक्त कर दिया जाता है।यह मामला लंबे अवधि से चली आ रही है। इसी तरह आज ऐसे ही मामला भवानी यादव पति गौरीशंकर यादव ग्राम पंचायत चिखली आश्रित पारा जूना पारा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका दोनों की नियुक्ति हुई है, जिसमें लिलेश्वरी पति गगनेश्वर यादव की नियुक्ति हुई है। तथा सहायिका पद पर उर्मिला पति हरेंद्र यादव को नियुक्त किया गया है।
पीड़ित अभ्यार्थी भवानी यादव ने बताई कि मैं नियुक्ति मामले को लेकर चयन समिति द्वारा उक्त अभ्यार्थी लिलेशवरी यादव की सत्यापित प्रति लिपी का दस्तावेज प्रदाय किए जाने सूचना के अधिकार का उपयोग किया गया है, किंतु आज दिन पर्यन्त तक कोई भी प्रतिक्रिया संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा प्रदाय नहीं किया गया है।
इसे लेकर विकास खण्ड मैनपुर परियोजना अधिकारी व जिला कलेक्टर दीपक अग्रवाल, एसडीएम,तहसीलदार, तक पीड़िता ने लिखित शिकायत किया जा चुका है, फिर भी शासन प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारी ने आज दिन पर्यन्त तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। और न ही उनके खिलाफ उचित जांच पड़ताल कर आरोपी को कानूनी कार्रवाई किया गया है। अब तक शासन -प्रशासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका नियुक्तियों में हुई गड़बड़ी पर कोई भी संज्ञानात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय ग्रामीण जनों का विश्वास उठ चुका है।
अभ्यार्थी भवानी यादव और भी यह बताई कि हमें सिर्फ सच्चाई का दामन थामा था, लेकिन असत्य ने अपनी जगह बना कर राज मुकुट सिर पर धारण कर लिया। यह एक तरह से कहा जाए तो पूरा- पूरा घोटाला मामले को सुझबुझ कर भी अनजान बन रहे हैं अधिकारी व कर्मचारी।जब भी हमेशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की नियुक्ति होती है तो सिर्फ ही सिर्फ नोटों की वजन वाले का ही सांठ-गांठ कर नियुक्त कर दिया जाता है । मैनपुर विकास खण्ड के चिकली छैला के आश्रित पारा जूना पारा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका दोनों की नियुक्ति में अपात्र अभ्यर्थी को नियुक्त किया गया है। जबकि सही मायने में देखा जाए तो भवानी यादव पति गौरीशंकर यादव को अंक सूचीं व महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी के द्वारा चयन समिति के मेरिट सूची जारी किया गया है उसी आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका में से किसी एक पद पर नियुक्ति होने की वरीयता प्राप्त किया है।
उक्त आवेदिका भवानी यादव उनकी बताई गई जानकारी के मुताबिक जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका नियुक्ति में भारी गड़बड़ी को लेकर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार व संबंधित विभाग महिला बाल विकास विभाग अधिकारियों को छाया प्रति लिखित रूप से शिकायत आवेदन पत्र जमा किया जा चुका है किंतु आज दिन पर्यन्त तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसी लिए इसे सही न्याय पाने के लिए मीडिया का सहारा लिया गया। तथा सभी काला करतूतों को उजागर करने में मदद मिली है।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
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