राजधानी से जनता तक /जिला संवाददाता-चरण सिंह क्षेत्रपाल
गरियाबंद – छतीसगढ़ पंचायत सचिव संघों ने नियमितीकरण एक सूत्रीय मांगों को लेकर प्रांतीय पदाधिकारियों के दिशा निर्देशानुसार गरियाबंद जिले से देवभोग विकास खण्ड के पंचायत सचिव संघ ने नियमितीकरण की मांगे पूरी के लिए बुलंद आवाज के साथ धरना स्थल मंच धरातल पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। चूंकि छतीसगढ़ पंचायत सचिव संघ ने नियमितीकरण करने विधानसभा ,लोक सभा व त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के पूर्व एक बार हड़ताल पर बैठ चुके हैं। इस दौरान मोदी की गारंटी में पंचायत सचिवों को नियमितीकरण करने का वादा किया गया था। लेकिन देश व छत्तीसगढ़ राज्य में डबल इंजन वाली सरकार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी अब तक मोदी की गारंटी पूरी नहीं हुई है। इसी परिप्रेक्ष्य में आज छत्तीसगढ़ राज्य के पूरे विकास खण्ड में पंचायत सचिव संघ अपने- अपने ब्लाकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इसी दरम्यान देवभोग ब्लाक पंचायत सचिव संघ भी नियमितीकरण एक सूत्रीय मांग को लेकर देवभोग सामुदायिक भवन स्थल पर अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा है। इस बीच आज देवभोग ब्लाक पंचायत सचिव संघ अध्यक्ष सुकांत बेहेरा ने कहा कि, हम सभी देवभोग ब्लाक के पंचायत सचिव संघ एक साथ एक ही आवाजें उठाई जा रही है ,मोदी की गारंटी के तहत लंबे समय तक इंतजार कर चुके हैं,अब हमें शासन नियमितीकरण की मांगे जल्द ही पूरी करें।पंचायत सचिव जब से हड़ताल पर बैठे हैं, तबसे ग्राम पंचायतों की विभिन्न जन विकास कार्यों में अत्यधिक प्रभावित होगी । सोमवार को पंचायत सचिवों ने अपनी मांगों को लेकर राजधानी रायपुर में विधानसभा का घेराव किया गया था। वहीं मंगलवार को ब्लाक स्तर पर सभी पंचायत सचिव कामबंद कर हड़ताल पर बैठे हुए हैं। गरियाबंद जिले के विकास खण्ड देवभोग में भी सचिव संघ ब्लाक ईकाई द्वारा भी हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस दौरान देवभोग सचिव संघ ब्लाक अध्यक्ष सुकांत बेहेरा ने बताया कि मोदी की गारंटी के तहत ग्राम पंचायत सचिवों का नियमितीकरण किया जाना था। लेकिन छतीसगढ़ राज्य में पुनः एक बार फिर से भाजपा की सरकार चौथी बार बनने के बाद भी पंचायत सचिवों को नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। और न ही शासन हमारे प्रति बजट में शासकीयकरण को लेकर कुछ संज्ञान में लिया गया है।और न ही नियमितीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ ने सरकार को ध्यानाकर्षण करने के लिए काम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा है।देवभोग ब्लाक स्तरीय सचिव संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे सचिव हस्ता राम यादव ने कहा, कि पंचायत सचिवों को छत्तीसगढ़ शासन -प्रशासन कि सभी कार्यों में ड्यूटी लगाई जाती है। छतीसगढ़ शासन -प्रशासन कि विभिन्न योजनाओं को हमसे पूरी कार्य करवाए जाते हैं ।तो हम उन कार्यों को सफलता पूर्वक पूरी इमानदारी के साथ करते है। इतना कुछ किया जाता है फिर भी शासन हमें शासकीय करने में हिचकिचा रही हैं। इसीलिए पंचायत सचिव कामबंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठें हुए हैं। यदि शासन हमारी मांगे पूरी नहीं करती है तो ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्य संचालित हो रही है वह खूब प्रभावित होंगे।
यदि मांगें पूरी नहीं होती है तो पंचायत सचिव करेंगे मंत्रालय की घेराबंदी
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव वर्ष -2023-24 में मोदी की गारंटी के तहत छतीसगढ़ राज्य में सभी पंचायत सचिवों को नियमितीकरण करने का वादा किया गया था। किंतु अब-तक शासन-प्रशासन द्वारा कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है, इसी कारण प्रदेश के हर ब्लाक में पंचायत सचिवों संघों ने
शासकीयकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए है। यदि शासन-प्रशासन द्वारा हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो पंचायत सचिव 30 मार्च तक काम बंद हड़ताल पर रहेंगे। तथा एक अप्रैल को प्रदेश स्तर पर पंचायत सचिव एकत्र हो कर सीधे मंत्रालय की घेराबंदी करने की रणनीति तैयारी की जा रही हैं।
ग्राम पंचायत में विकास कार्य हो रहा है प्रभावित
यदि पंचायत सचिव संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रहे, तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य पूरा चपेट हो सकती है। क्यों कि ग्रामीण क्षेत्रों में शासन- प्रशासन की जितने भी शासकीय योजनाएं हैं जैसे कि प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, सड़क और जलापूर्ति, जैसी विकास योजनाओं की प्रगति और विकास पर काफी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा ग्राम पंचायत में जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।इन सभी कार्यों में पंचायत सचिवों को महत्वपूर्ण योगदान रहता है। जब-तक सरकार हमारे मांगें पूरी नहीं करती है, तब-तब हम सभी पंचायत सचिव काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रहेंगे।

Author: Rajdhani Se Janta Tak
राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है



