परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा रविवार को थाना शंकरगढ़, वाड्रफनगर, एवं रामानुजगंज के हाॅई स्कूल मैदान में 52 स्कूली बसों की चेकिंग की गई

चन्द्रदीप यादव/राजधानी से जनता तक/बलरामपुर, रामानुजगंज
बलरामपुर :- बलरापमुर रामानुगंज जिले के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के मार्गदर्षन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विष्व दीपक त्रिपाठी के निर्देषन में 37 वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन दिनांक 01जनवरी से 31जनवरी.2026 तक किया जा रहा है। जिसके तहत जिला बलरामपुर रामानुजगंज के समस्त अनुभाग मुख्यालयों में यातायात जागरूकता संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहे हैं। इसी कड़ी में दिनांक 18 जनवरी रविवार को जिले के अनुभाग मुख्यालयों (शंकरगढ़, वाड्रफनगर, एवं रामानुजगंज) में पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा सामन्जस्य स्थापित कर ‘‘स्कूली बस निरीक्षण शिविर’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिले से सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कुलों में अध्ययनरत् छात्र छात्राओं का परिवहन करने वाले शैक्षणिक संस्थानों के बसों की जांच हेतु बुलाया गया था जिसमें कुल 52 बसें जांच हेतु उपस्थित हुये।
*वाहन के दस्तावेजों समेत इन सभी बिन्दुओं पर जांच की गई-*
1. वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र (आर.सी. बुक),
2. मोटरयान कर जमा की रसीद,
3. वाहन का परमिट,
4. वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र,
5. वाहन का बीमा प्रमाण पत्र,
6. वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र,
7. चालक का अनुज्ञा पत्र,
8. स्पीड गवर्नर।
*वाहन के मैकनिकल फिटनेस की जांच-*
1. हेड लाईट,
2. ब्रेक लाईट,
3. पार्किंग लाईट,
4. इंडिगेटर लाईट,
5. स्टेयरिंग की स्थिति,
6. टायर की स्थिति,
7. वायपर,
8. ब्रेक, हैण्ड ब्रेक,
9. क्लच,
10. एक्सीलेटर,
11. सीट की स्थिति,
12. हॉर्न,
13. रिफ्लेक्टर।
*माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा स्कूल बसों के संबंध में दिए गये निर्देश के पालन की जांच -*
01. बस के आगे और पीछे स्कूल बस लिखा होना चाहिए।
02. अगर बस किसी और उद्देश्य की भी है (जैसे किराए की बस), तो उस पर स्कूल बस” लिखा होना चाहिए।
03. बस पीले रंग की होनी चाहिए।
04. बस के चारों ओर चैड़ी पट्टी होनी चाहिए जिस पर स्कूल का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर अंकित हो।
05. बस में फर्स्ट ऐड बॉक्स अनिवार्य है।
06. सभी सीटों के नीचे बस्ता रखने के लिए स्थान होनी चाहिए।
07. बस में फायर एग्जिंग्विशर होना जरूरी है।
08. स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए।
09. बस का ड्राइवर कम से कम 5 साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव वाला होना चाहिए।
10. बस में एक अटेंडर हेल्पर (महिला स्टाफ विशेषकर प्राथमिक स्कूल के लिए) होना चाहिए।
11. बस के खिड़कियों के बाहर जाली होना अनिवार्य है।
12. बस के अंदर और बाहर का दरवाजा स्वचालित या सुरक्षित तरीके से बंद खुलने वाला होना चाहिए।
13. बस की नियमित मेंटेनेंस की जानी चाहिए। सभी परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा आदि अद्यतन होने चाहिए।
14. कोई भी स्कूल बस 12 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।
उक्त जांच के दौरान उपस्थित बसों का परिवहन एवं यातायात के अधिकारियों द्वारा सभी वाहनों के दस्तावेजों की जांच की गई जिसमें ऐसे वाहनों जिनमें आवष्यक कमीयां पायी गई जैसे परमिट, लायसेंस , पी.यू.सी इत्यादि कुल 06 वाहनों मे आवष्यक कार्यवही करते हुये 11500 का चालानी कार्यवाही की गई एवं वाहन चालकों को समझााईष दिया गया। तथा उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह वाले चालकों को लगातार मेडिसीन का उपयोग करने एवं कमजोर दृष्टी वाले वाहन चालकों को चश्मा लगाने की सलाह दिया गया।
साथ ही यातायात प्रभारी द्वारा वाहन चालकों को “यातायात नियमों के पालन के लिए शपथ भी दिलाया गया
उक्त निरिक्षण के दौरान वाड्रफनगर में जिला परिवहन अधिकारी यषवंत कुमार यादव, चैकी प्रभारी सउनि डाकेश्वर सिंह यातायात से सिकन्दर कुजूर एवं टीम तथा थाना रामानुजगंज में यातायात प्रभारी विमलेश कुमार देवांगन सउनि जबलून कुजूर, प्र आ महामाया शर्मा , आर1183 दिलीप नेताम व अन्य तथा शंकरगढ़ में थाना प्रभारी जितेन्द्र जायसवाल सउनि सुखेन सिंह आर 829 संदिप बेक आर 815 आर परविन्द 1211 सुरेष पैकरा ,1050 मनोज कुजूर सैनिक 04 संतोष भारती द्वारा संयुक्त निरीक्षण किय गया।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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