44 करोड़ की लागत से बन रहा एकलव्य स्कूल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा

सूरजपुर/प्रतापपुर :– केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रतापपुर ब्लॉक में 44 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे शासकीय एकलव्य स्कूल एवं छात्रावास भवन निर्माण कार्य अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का शिकार हो रहा है। यह स्कूल आदिवासी बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रस्तावित है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और प्रक्रियाओं में बरती जा रही अनियमितताओं ने इस परियोजना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निर्माण में अनियमितताओं का बोलबाला

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा ठेकेदारी के माध्यम से बन रहे इस तीन मंजिला स्कूल और छात्रावास में निर्माण के शुरुआती स्तर से ही मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नींव डालने से लेकर छत की ढलाई तक, हर चरण में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग हो रहा है।

लोहे की प्लेट के बजाय प्लाई का उपयोग

ढलाई के लिए लोहे की प्लेट के स्थान पर लकड़ी की प्लाई का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण कमजोर हो रहा है। ईंटों की गुणवत्ता पर सवाल अच्छी गुणवत्ता वाली ईंटों की जगह फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो कम टिकाऊ हैं। सीमेंट और छड़ के मानकों का उल्लंघन निर्माण में उपयोग हो रही सीमेंट और छड़ मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

सरकार को हो रहा है करोड़ों का नुकसान

निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही बालू सीधे नदी से लाकर डंप की जा रही है, जिससे सरकार को बालू रॉयल्टी में करोड़ों का नुकसान हो रहा है। यह रॉयल्टी न केवल राजस्व हानि का कारण बन रही है, बल्कि नियमों का खुला उल्लंघन भी है।

पेटी कॉन्ट्रैक्ट से बढ़ी अनियमितता

निर्माण कार्य का ठेका बड़े ठेकेदार को दिया गया था, लेकिन इसे आगे पेटी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से छोटे ठेकेदारों को सौंप दिया गया। पेटी कॉन्ट्रैक्ट की इस प्रक्रिया में काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों और मजदूरों को फायदा पहुंचाने के लिए मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।

भविष्य में बनेगा खतरा

यह स्कूल और छात्रावास गरीब आदिवासी बच्चों के लिए बनाया जा रहा है, जहां उन्हें आवास और शिक्षा की सुविधा मिलेगी। लेकिन निम्न गुणवत्ता वाले निर्माण कार्य के कारण यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह इमारत लंबे समय तक टिक पाएगी? ऐसी स्थिति में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा, दोनों खतरे में पड़ सकती हैं।

प्रशासन से मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और मानकों का पालन हो, ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्देश्य पूरा हो सके। इस विषय में एसडीएम ललिता भगत ने कहा कि संबंधित विभाग से जांच कराई जाएगी, कर में गुणवत्ता नहीं होने पर कार्यवाही की जाएगी, तथा मेजरमेंट रोका जाएगा, इस विषय में सूरजपुर पीडब्ल्यूडी अधिकारी ई महादेव लहरे ने कहा कि गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  

टॉप स्टोरीज