जर्ज़र आंगनबाड़ी और स्कूलों की स्थिति जर्ज़र सम्बंधित अधिकारियो की नज़र से दूर अनेक समस्या

रिपोर्टर :- रोहित कुमार चौहान लैलूंगा

 

लैलूंगा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोढ़ी में आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मजबूरन एक परछी (शेड) के नीचे बच्चों को शिक्षा दे रही हैं। यह न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है ग्रामवासियों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र का भवन वर्षों से मरम्मत के अभाव में जर्जर होता गया। बरसात के मौसम में भवन उपयोग के लायक नहीं रह जाता, और बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।वहीं पर स्थित प्राथमिक शाला में बाउंड्री वॉल का अभाव ग्राम गोढ़ी की प्राथमिक शाला भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। विद्यालय परिसर में बाउंड्री वॉल न होने के कारण बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पशु विद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे न केवल गंदगी होती है बल्कि बच्चों के खेलने और पढ़ाई के माहौल पर भी असर पड़ता है।प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामवासियों की नाराजगी ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आंगनबाड़ी केंद्र का जीर्णोद्धार किया जाए और प्राथमिक शाला में बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य और सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों का क्या कहना है?

ग्रामवासियों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर जल्द ही कदम नहीं उठाए गए, तो गांववाले बड़े आंदोलन का रुख कर सकते हैं।नोट: बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा की यह गंभीर समस्या प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करती है। उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को प्राथमिकता देकर उचित कदम उठाएंगे।शिक्षक विजय कुमार पटेल एवं सत्यवती भगत

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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