हरा सोना तेंदूपत्ता का संग्रहण संग्राहकों द्वारा तोड़ने का कार्य में लायी है तेजी

जिला संवाददाता-चरण सिंह क्षेत्रपाल गरियाबंद राजधानी से जनता तक

देवभोग – छतीसगढ़ सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि विगत वर्षों में भुगतान किया गया था, उसी अनुरूप ही इस साल भी 5500 रूपए प्रति मानक बोरा दी जाएगी। जिसमें वंनाचलो में आर्थिक स्थिति में बदलाव का दौरा शुरू हो गया है। तेंदूपत्ता के व्यापार से खास कर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा अच्छी दाम बढ़ाई जाने पर वनांचल क्षेत्र के बुजुर्ग महिला पुरुष व युवाओं सहित खूब खुश हैं। गरियाबंद, मैनपुर व देवभोग वनाश्रितों का कहना है,कि जंगलों की उपज ही हमारी आय का एक मात्र साधन है। इनमें तेंदूपत्ता का एक बड़ा व्यापार है। तेंदूपत्ता एकत्र करने के दौरान कई परिस्थितियों से जूझना पड़ता है। इसके उचित दाम भी नहीं मिल पाते हैं। किंतु छतीसगढ़ प्रदेश सरकार विष्णु देव साय ने मोदी की गारंटी के तहत इन सारी समस्याओं को देखकर तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य प्रति मानक बोरा 5500/ रूपए किया गया है। समर्थन मूल्य पर बढ़ोतरी से हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होंगे।साथ ही आजिविका के साधन भी बेहतर होगा।

तेंदूपत्ता संग्रहण पर उक्त ग्रामीणों को आमदनी में इजाफा के विकल्प दिए गए हैं

1. बड़ी आमदनी का नजरिया तेंदूपत्ता आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र गरियाबंद जिले में निवासरत लोगों द्वारा यह बताया जाता है कि, जंगलों के बीच निवासरत लोगों के लिए तेंदूपत्ता ही आमदनी का बड़ा नजरिया बन गया है।पत्ते की तोड़ाई से लेकर बंडल बनाने का काम परिवार के साथ मिलकर करते हैं। पहले कम दाम मिलने की वजह से आर्थिक तौर पर काफी दिक्कतें होती थी। लेकिन अब तेंदूपत्ता समर्थन मूल्य 5500/ प्रति बोरी मानक बढ़ाई गई है। अब हरा सोना कहलाने वाला तेंदूपत्ता वाकई सोने जैसा ही है ‌।

मेहनत को मिला मान
छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों को आर्थिक मजबूती देने के साथ उनकी मेहनत को मान दि जाने 1500/ रूपए बढ़ाया गया है। तेंदूपत्ता से आय जंगल क्षेत्र के निवासियों को काफी राहत मिलती है ‌‌। अब कुछ पैसे भविष्य के लिए बचाया जा सकता है। वरना ऐसा था कि पैसा बचते ही नहीं थें, मेहनत भी ज्यादा लगती थी।

सरकार कि सराहनीय निर्णय

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का आर्थिक स्थिति अब मजबूत होगी, चूंकि केंद्र व राज्य सरकार कि गारंटी के तहत तेंदूपत्ता समर्थन का मूल्य 5500/ रूपए प्रति मानक बोरा बढ़ाया गया है। राज्य सरकार का फैसला सराहनीय है। क्यों कि इनमें वनवासियों का हित होगा।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लघु वनोपज की निर्धारित दर निम्नांकित हैं –
तेंदूपत्ता सीजन 2024-25 – 5500/ रूपए प्रति मानक बोरा
चिरौंजी गुठलियां ग्रेड 1 -350 रूपए प्रति किलो
ग्रेंड 2 – 200 /रूपए प्रति किलो
ग्रेंड 3- 190 / रूपए प्रति किलो  शहद- 225/ रूपए प्रति किलो
महुआ फूल सुखा 30/ रूपए प्रति किलो
महुआ बीज 29 रूपए प्रति किलो इस तरह से राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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