सुकमा जिले में ‘बाघ के हमले’ की खबर निकली अफवाह की

डीएफओ श्री अक्षय भोंसले ने कहा घटना पूरी तरह भ्रामक, क्षेत्र में न ही बाघ दिखा और न ही हमले के कोई प्रमाण मिले

जिला प्रमुख नवीन दांदडें 

सुकमा – शनिवार को कुछ मीडिया माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह समाचार प्रसारित हुआ कि मराईगुड़ा ग्राम, वन परिक्षेत्र गोलापल्ली में बाघ के हमले से एक महिला की मृत्यु हो गई है। सूचना मिलते ही वन विभाग सुकमा की टीम सक्रिय हुई और तत्काल स्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण, पंचनामा और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो गया कि ऐसी कोई घटना उस क्षेत्र में हुई ही नहीं है।

गोलापल्ली वन परिक्षेत्र के रेंजर एवं वन अमले ने संबंधित महिला तथा ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी ली। जांच में पाया गया कि महिला किसी अज्ञात वन्यजीव को देखकर घबरा गई थी, परंतु उसे यह ज्ञात नहीं था कि वह कौन-सा जानवर था। घटनास्थल पर बाघ या किसी अन्य बड़े शिकारी जानवर के होने या हमले के कोई प्रमाण नहीं मिले। न तो पंजों के निशान पाए गए, न संघर्ष के चिन्ह, न ही किसी प्रकार का ऐसा सबूत जो हमले की पुष्टि करे। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि प्रसारित समाचार पूरी तरह निराधार एवं भ्रामक है।

वन विभाग ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को वन्यजीवों के व्यवहार, सुरक्षा उपायों और सचेत रहने संबंधी जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि आगे किसी भी भ्रम या अफवाह की स्थिति उत्पन्न न हो।

डीएफओ श्री अक्षय भोंसले ने कहा मराईगुड़ा में बाघ के हमले की खबर पूरी तरह असत्य है। स्थल निरीक्षण और सभी तथ्यों की जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि न तो बाघ देखा गया और न ही हमले के कोई प्रमाण मिले हैं। हम सभी ग्रामीणों से अपील करते हैं कि अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें। यदि किसी बड़े वन्यजीव का साक्ष्य दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। विभाग वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन और वन विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, किसी भी वन्यजीव की उपस्थिति का संकेत मिलने पर तत्काल निकटतम वन अधिकारी या वनकर्मी को जानकारी दें और अफवाहों या अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार से बचें। विभाग ने पुनः स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में वन्यजीवों और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निरंतर कार्यरत है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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