तराईडांड डकैती मामले में हुआ खुलासा: 19 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बताई क्यों रची गई थीं पूरी वारदात की स्क्रिप्ट.?

राजधानी से जनता तक कोरबा: कोरबा में हुई डकैती के मामले की गुत्थी को आखिरकार कोरबा पुलिस ने सुलझा लिया है, मंगलवार को पुलिस ने मामले में खुलासा करते हुए बताया कि 19 आरोपियों को पुलिस ने डकैती के मामले में गिरफ्तार किया है वहीं कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों से चार पहिया वाहन हथियार एवं नगदी रकम भी बरामद किए हैं।

आरोपी गड़े हुए धन की तलाश में प्रार्थी के घर डकैती करने पहुंचे हुए थे, पुलिस ने बताया कि प्रार्थी शत्रुघ्न दास के घर धन गड़े (हंडे) होने की जानकारी उनके साहेब दास (आरोपी) पड़ोसी ने दी थीं। जिसके बाद पूरे गिरोह ने घटना की योजना बनाई।जांच में सामने आया कि ग्राम तराईडांड़ निवासी शत्रुघन दास के घर में बड़ी मात्रा में पैसा होने की जानकारी आरोपियों को मिली थी। इसके बाद मुख्य आरोपी चंद्रकांत डिक्सेना ने अपने साथियों से संपर्क कर गिरोह तैयार किया।

पहले प्रयास में रहे थे विफल दूसरे प्रयास में मिली कामयाबी : आरोपियों ने दो अलग-अलग तारीखों — 6 नवंबर को डकैती की योजना बनाई थी जब आरोपी घटना को अंजाम देने पहुंचे थे गांव वालों और पुलिस की सतर्कता के वजह से 6 तारीख की रात घटना को अंजाम नहीं दिया जा सका जिसके बाद 11 नवंबर 2025 को डकैती की योजना बनाई। और दरमियान रात हथियारों के साथ शत्रुघ्न दास के घर डकैत पहुंचे एवं परिवार को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया।

घटना से पहले गिरोह हुआ तैयार: साहेब दास और नरसिंह दास ने पीड़ित परिवार की जानकारी गिरोह तक पहुंचाई। जिसके बाद अलग-अलग वाहनों से आरोपी रात के समय गाँव पहुंचे थे। इलाके में रैकी भी की गई, और हथियारों के साथ घटना को अंजाम दिया गया, मामले में गांव के ही तीन लोगों ने खास भूमिका निभाई जिसमें सुनील दास, साहेब दास एवं विदेशी दास शामिल थे।

 हथियार, नगद एवं वाहन जप्त:पुलिस ने 19 आरोपियों को पकड़ा हैं और इनसे 65 हज़ार रुपए नगदी एवं हथियार ( 1 कट्टा, तलवार, चॉपर, डंडे, सबल आदि) प्राप्त किए गए हैं, जिस वाहनों का वारदात में उपयोग किया गया उन 4 वाहनों को भी पुलिस ने जप्त कर लिया हैं। पुलिस अन्य सामान एवं फरार आरोपियों के तलाश में जुटी हुई है।

 अस्पताल में आरोपियों के परिजनों का हंगामा: जिला अस्पताल कोरबा में पुलिस आरोपियों को लेकर एमएलसी करने पहुंची हुई थी इस दौरान अस्पताल परिसर में आरोपियों के परिजन एवं कुछ गांव वाले बड़ी संख्या में पहुंच गए एवं जमकर हंगामा करने लगे पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगे एवं परिजनों ने आरोप लगाया कि लोगों को झूठा फसाया जा रहा है। इन सब के बीच पुलिस ने सभी आरोपियों को अस्पताल से बाहर निकाला।

 पुलिस की इंवेस्टीगेशन में मिली सफलता: संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पुलिस ने पांच अलग-अलग टीम गठित की थीं। इसमें थाना-चौकी स्टाफ सहित साइबर सेल की टीम शामिल रही। करीब 50 अधिकारियों-कर्मचारियों ने लगातार मैदानी और तकनीकी जांच के बाद आरोपियों का पता लगाया और उन्हें गिरफ्त में लिया।

Sangam Dubey
Author: Sangam Dubey

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