पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने आंध्र प्रदेश में हुई हालिया मुठभेड़ को फर्जी बताया, कहा—“नक्सलियों को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और पुलिस ने पड़कर मारा”

जिला प्रमुख नवीन दांदडें 

सुकमा – पूर्व विधायक तथा आदिवासी नेता मनीष कुंजाम ने एक प्रेस वार्ता में आंध्र प्रदेश में हाल ही में हुई मुठभेड़ पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि मुठभेड़ नाटकीय रूप से रची गई और बस्तर के नक्सलियों को झांसा देकर आंध्र प्रदेश ले जाया गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें “पड़कर” मार दिया।

 

“बस्तर के नक्सलियों को आंध्र–तेलंगाना जाने की जरूरत नहीं, सुकमा में ही करें सरेंडर”

 

कुंजाम ने नक्सली संगठन से आग्रह किया कि वे अन्य राज्यों में जाकर जोखिम न लें।

उन्होंने कहा—

“अगर बस्तर के युवा नक्सली संगठन छोड़ना चाहते हैं, तो सुकमा में ही सरेंडर करें, हम उनकी मदद करेंगे।”

देव जी पर गंभीर आरोप

मनीष कुंजाम ने आंध्र प्रदेश के नक्सली नेता देव जी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वह बस्तर के नक्सलियों को आंध्र प्रदेश बुलाकर सरेंडर के नाम पर पुलिस के हवाले करवाने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा—

“देव जी ने बस्तर के नक्सलियों को सरेंडर कराने का भरोसा दिया होगा।

उसी भरोसे वे आंध्र प्रदेश गए।

लेकिन पुलिस के साथ मिले होने के कारण वह सभी को मुठभेड़ में मरवा दिया।”

“जो लोग नहीं मारे गए, उन्हें गिरफ्तार करवा दिया गया, और देव जी आज आंध्र प्रदेश में सरकार का मेहमान बनकर बैठा है।”

कुंजाम ने यह भी कहा कि पहले देव जी के मारे जाने या पकड़े जाने की बातें सामने आई थीं, लेकिन अब पूरा घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत होता है।

“क्या 50 लोग गिरफ्तार होने के लिए खुद उधर जाएंगे?”

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में जिस संख्या में 50 नक्सली गिरफ्तार हुए और 13 मुठभेड़ में मारे गए, वह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।

उनका कहना है—

“दो दिन में 50 नक्सलियों का गिरफ्तार होना कैसे संभव है?”

“अधिकतर गिरफ्तार लोग सुकमा और बीजापुर के हैं।”

“देव जी ने ही यहां के नक्सलियों को बुलाकर मरवाने और गिरफ्तार करवाने की भूमिका निभाई है।”

हिड़मा मास्टरमाइंड नहीं, आंध्र के शीर्ष नक्सली हैं असली योजनाकार : कुंजाम

मनीष कुंजाम ने कहा कि माड़वी हिड़मा को वर्षों से बड़े हमलों का मास्टरमाइंड बताया जाता रहा है, जबकि यह धारणा आंध्र के नक्सली नेताओं द्वारा गढ़ी गई थी।

उन्होंने कहा—

“हिड़मा घटनाओं में शामिल रहा, लेकिन वह किसी घटना का मास्टरमाइंड नहीं।”

“झीरम घाटी हमले में भी हिड़मा शामिल नहीं था।”

“आंध्र प्रदेश के नक्सली अपने ऊपर से शक हटाने के लिए बस्तर के युवक हिड़मा को ‘मुख्य आरोपी’ बनाते रहे।”

उन्होंने कहा कि बस्तर के नक्सलियों को आगे रखकर आंध्र के नक्सली खुद को पाक-साफ बताते रहे।

“सरकार ने नक्सलवाद को बढ़ाने में भूमिका निभाई”

प्रेस वार्ता में कुंजाम ने सरकार पर भी बड़ा आरोप लगाया।

उन्होंने कहा—

“80 के दशक में वन विभाग और पुलिस के अत्याचार नहीं होते तो बस्तर में नक्सलवाद उत्पन्न ही नहीं होता।”

“सलवा जुडूम ने नक्सलवाद को खत्म करने के बजाय और बढ़ाया।”

कुंजाम ने कहा कि कुल मिलाकर सरकार की नीतियों और कार्रवाइयों ने ही नक्सलवाद को मजबूती दी, जिसके गंभीर परिणाम आज भी क्षेत्र भुगत रहा है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

टॉप स्टोरीज