एकल शिक्षक की संदिग्ध मौत ने खोली शिक्षा विभाग की पोल — 200 बच्चों की जिम्मेदारी

BLO–SIR का बोझ और फिर मौत… आखिर कब जागेगा विभाग?

गरियाबंद -:मैनपुर ब्लॉक के कांडसर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ एकल शिक्षक सुमन प्रधान की बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मृत्यु ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, अतिरिक्त सर्वे-बोझ और एकल शिक्षक प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

करीब 150–200 बच्चों के विद्यालय में सुमन प्रधान अकेले शिक्षक थे। पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर थी।

 

इसके साथ सरकार द्वारा लगाए गए BLO और SIR जैसे अतिरिक्त सर्वे कार्यों ने उनका कार्यभार कई गुना बढ़ा दिया था।

जानकारी के अनुसार, सुमन प्रधान हाल ही में हुए एक दुर्घटना में घायल हुए थे। सिर में आई चोट गंभीर थी, और वे जल्द ही रायपुर जाकर CT-Scan करवाना चाहते थे। परंतु इससे पहले ही बीती रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

देवभोग अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुबह देभोग स्वास्थ्य केंद्र में किए गए पोस्टमार्टम की प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने बताया कि सिर के अंदर पुराना रक्त जमा हुआ था, जो एक्सीडेंट के बाद ब्रेन ब्लीडिंग से जुड़ा हो सकता है। हालांकि स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

इधर, BLO—SIR कार्य का दबाव जिले में फिर से विवाद का विषय बन गया है। जिले के कई BLO का कहना है कि विभागीय दबाव और समय-सीमा की बाध्यताओं से शिक्षक मानसिक रूप से तनाव में रहते हैं।

सुमन प्रधान के मामले में भी सामने आया है कि वे केवल SIR कार्य का 2% ही पूरा कर पाए थे, जबकि अन्य BLO 20–30% तक काम कर चुके थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या बढ़ते दबाव ने उनकी हालत और बिगाड़ दी?

इस घटना ने शिक्षक समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। एकल शिक्षक व्यवस्था, सर्वे का बोझ, और शिक्षा विभाग की नीतियों को लेकर फिर से बहस छिड़ गई है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब एक शिक्षक BLO–SIR कार्य में जुटा होता है, तब विद्यालय में बच्चे बिना पढ़ाई के लौट जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है—

क्या विभाग बच्चों की पढ़ाई चाहता है या रोज-रोज के सर्वे चाहता है?

क्या एकल शिक्षक पर 200 बच्चों का बोझ और अतिरिक्त काम थोपना विभाग की विफलता नहीं है?

क्या यह मौत एक दुर्घटना है या विभागीय लापरवाही की देन?

सुमन प्रधान की मौत ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल क्षेत्र में शोक के साथ-साथ विभाग की जवाबदेही को लेकर तीखी चर्चा जारी है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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