सतनगर गांव में शासकीय भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री का आरोप।

मोहन प्रताप सिंह
राजधानी से जनता तक, सूरजपुर/भैयाथान:– जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत सतनगर गांव में शासकीय भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री का में शासकीय पट्टा भूमि से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराई गई भूमि रजिस्ट्री और राजस्व अभिलेखों में प्रस्तावित नामांतरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए तहसील कार्यालय भैयाथान में लिखित आवेदन सौंपा है।
नियमों को दरकिनार कर रजिस्ट्री कराए जाने का दावा
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र की शासकीय पट्टा प्राप्त भूमि को कुछ व्यक्तियों द्वारा निजी भूमि के रूप में दर्शाते हुए रजिस्ट्री करा ली गई। आरोपितों में अंकित अग्रवाल, मोहित मित्तल एवं प्रतीक अग्रवाल, निवासी सूरजपुर के नाम सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के विपरीत है और शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है।
समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है विवाद
ग्रामीणों के अनुसार रजिस्ट्री के बाद तहसील कार्यालय भैयाथान में राजस्व अभिलेखों में नामांतरण (नाम संशोधन) के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इस प्रक्रिया को तत्काल नहीं रोका गया, तो शासकीय भूमि का रिकॉर्ड स्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में कानूनी जटिलताएं बढ़ेंगी।
शासकीय भूमि की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
इस पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत सतनगर गांव में शासकीय भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री का के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि संबंधित भूमि पूर्व से ही शासकीय पट्टा भूमि है, जिस पर किसी भी प्रकार का निजी स्वामित्व कानूनन अमान्य है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए संगठित रूप से संघर्ष करेंगे।
जांच, नामांतरण पर रोक और एफआईआर की मांग
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में मांग की गई है कि नामांतरण की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए तथा पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर, एसपी और राजस्व अधिकारियों को भेजी गई प्रति
मामले की गंभीरता को देखते हुए आवेदन की प्रतिलिपि कलेक्टर सूरजपुर, पुलिस अधीक्षक सूरजपुर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भैयाथान तथा संबंधित थाना प्रभारी को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र ठोस कार्रवाई की जाएगी, जिससे शासकीय भूमि की रक्षा हो सके और भविष्य में इस तरह की फर्जी रजिस्ट्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।




