खैरागढ़ । कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी लाल जी द्विवेदी के सहयोग से इंद्रकला विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में शिक्षा विभाग के शिक्षकों हेतु एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में शिक्षकों को विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा द्वारा की गई, जिसमें उन्होंने एनीमिया मुक्त भारत अभियान एवं WIFS (वीकली आयरन एंड फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन) कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए शिक्षकों की भूमिका और बच्चों के लिए WIFS दवा की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।
तंबाकू मुक्त कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. अनम फातिमा ने स्कूलों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित करने की प्रक्रिया एवं तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी दी। रायपुर से पधारे डॉ. किशोर दत्त ने वर्कप्लेस स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया।
डॉ. विवेक बिसेन द्वारा रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम एवं फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जानकारी दी गई, वहीं आरएमए नागेश सिमकर ने बच्चों में होने वाली टाइप-1 डायबिटीज के लक्षण एवं सावधानियों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के अंत में डॉ. रूना सिंह द्वारा उपस्थित शिक्षकों को सीपीआर (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से डीपीएम सोनल ध्रुव, डिस्ट्रिक्ट डाटा मैनेजर खिलेश साहू, डिस्ट्रिक्ट अकाउंट मैनेजर नवीन चौहान, राजू भुआर्या सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




