जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा – जिला पंचायत सुकमा के पूर्व अध्यक्ष कवासी हरिश लखमा ने कलेक्टर महोदय को मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम एक पत्र प्रेषित कर पेसा कानून (PESA Act) के अंतर्गत तेंदूपत्ता खरीदी का अधिकार ग्राम पंचायतों/ग्राम सभाओं को देने की मांग की है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत तेंदूपत्ता खरीदी की जाती है, लेकिन लक्ष्य पूर्ण होने के बाद शेष तेंदूपत्ता का ग्रामीणों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इससे आदिवासी अंचलों में रहने वाले गरीब व ग्रामीण परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार ग्रामीण मजबूरी में कम दामों पर तेंदूपत्ता बेचने को विवश होते हैं।
कवासी हरिश लखमा ने कहा कि पेसा कानून ग्राम सभा एवं पंचायतों को स्थानीय संसाधनों पर अधिकार देता है, लेकिन व्यवहार में इसका लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। यदि ग्राम पंचायतों/ग्राम सभाओं को तेंदूपत्ता खरीदी का अधिकार दिया जाता है, तो इससे आदिवासी समाज को समय पर भुगतान मिलेगा और शोषण पर रोक लगेगी।
मांग के प्रमुख बिंदु:
शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूर्ण होने के बाद बचे हुए तेंदूपत्ता की खरीदी का अधिकार ग्राम पंचायत/ग्राम सभा को दिया जाए।
पंचायत स्तर पर खरीदी की प्रक्रिया, दर एवं भुगतान की स्पष्ट व्यवस्था शासन द्वारा तय की जाए।
आदिवासी संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आर्थिक शोषण रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय पेसा कानून की भावना के अनुरूप होने के साथ-साथ आदिवासी समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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