धान नहीं बिकने से भोज लाल यादव परिवार के साथ गरियाबंद जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन बैठने को मजबूर 

राजधानी से जनता तक / चरण सिंह क्षेत्रपाल 

गरियाबंद (देवभोग) – गरियाबंद जिले के देवभोग विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत डूमरबाहाल किसान भोज लाल यादव पिता सुफेद सिंह यादव का 82 क्विंटल धान बेचने के जगह पर मात्र 37 क्विंटल धान बेचा है , और दूसरी बात यह है कि सोसायटी से धान बीज, खाद और बैंक से नगद 60 हजार रुपए ऋण लिया है, उन्होंने बताया कि मैं यह ऋण अदायगी कर पाऊंगा या नहीं कुछ समझ में नहीं आ रहा है, मैं आर्थिक संकट से जूझ रहा हूं। किसान ने और भी यह बताया कि मेरे घर में और झिरीपानी धान खरीदी उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए तीस पैंतीस क्विंटल धान को रखा गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान यह त्रुटि हुई है, मेरे पट्टे में लगभग 82 क्विंटल धान बेचने गिरदावरी और एग्रीस्टेक भी सही है,जब संबंधित विभाग द्वारा किसान के घर में भौतिक सत्यापन के दौरान ही रकबा में त्रुटि हुई है। इस साल कर्जा मुझे चुकाना मुश्किल हो जाएगा। चुकी शत् प्रतिशत धान बेचने से वंचित हो गया, जहां 82 क्विंटल धान बेचने के जगह पर मात्र 37 क्विंटल धान ही बेच सका और बाकी 45 क्विंटल धान रकबा को विलोप कर दिया गया।जब गांव में भौतिक सत्यापन किया गया तो उस दौरान मेरे घर में कोई भी कर्मचारी मुझसे धान बेचने के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं पूछा गया, और अपने मनमुताबिक ही घर बैठे भौतिक सत्यापन कर 82 क्विंटल के जगह पर मात्र 37 क्विंटल धान यूनिट टोकन में दर्शाया गया है। अब करू तो क्या करूं मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा है। शासन-प्रशासन से मेरी एक निवेदन है कि मैं इस साल सोसायटी व बैंक ऋण अदायगी करने में असक्षम हूं,। जिला कलेक्टर द्वारा भी प्रैस विज्ञप्ति में बताया था कि किसानों के धान तौलाई व किसी भी प्रकार कि गड़बड़ी, धान खरीदी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कि जाएगी। उन्होंने और भी यह बताया था कि धान बेचने में किसानों को परेशान न हो यह भी सुनिश्चित करने को निर्देश दिया गया था। कलेक्टर उईके गरियाबंद जिले के जितने भी धान खरीदी उपार्जन केन्द्र है, समिति के कर्मचारियों को किसानों के धान निर्धारित मात्रा में तौलने, भरने, स्टेकिंग करने में किसी भी प्रकार कि गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन आज मैं धान बेचने से वंचित हो गया हूं,82 क्विंटल धान बेचने के जगह पर मात्र 37 क्विंटल धान ही बेच सका। बाकी 45 क्विंटल धान शेष रह गया है। मुझे बड़ी चिंता सताने लगी है सोसायटी व बैंक से लोन 60 हजार रुपए नकद राशि उठाया हूं।उसे कैसे चुकता कर पाऊंगा मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है। मेरे लिए कोई भी पहल नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय पर मेरे परिवार को लेकर धरना-प्रदर्शन में बैठने को मजबूर हो जाऊंगा।इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन होगी।

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Author: Rajdhani Se Janta Tak

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