बढ़ती गर्मी और शहरी श्रमिकों की चुनौतियों पर मंथन, रायपुर में हीट रेज़िलिएंस पर राउंडटेबल चर्चा आयोजित

रायपुर। बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच संवेदनशील शहरी श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों को लेकर गुरुवार को राजधानी रायपुर में महत्वपूर्ण राउंडटेबल चर्चा आयोजित की गई। रायपुर नगर निगम एवं द्वारा के सहयोग से “संवेदनशील शहरी श्रमिकों में हीट रेज़िलिएंस विकसित करना” विषय पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर महापौर मीनल चौबे ने की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा केवल आधुनिक अधोसंरचना तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शहर को जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक गर्मी जैसी चुनौतियों के प्रति भी तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने रायपुर को हीट रेज़िलिएंट शहर बनाने की दिशा में ठोस प्रयासों की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में प्रो. पीयूष कांत पाण्डेय ने रायपुर की जलवायु परिस्थितियों पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शहर में रात का तापमान लगातार अधिक बने रहना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि घटते हरित क्षेत्र, जलाशयों का क्षरण और तेज़ी से बढ़ता शहरीकरण “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव को बढ़ा रहा है। उन्होंने पारंपरिक वास्तुकला और जीवनशैली आधारित उपायों को पुनः अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

चर्चा के दौरान प्रभात मिश्रा ने रायपुर के जलाशयों के संरक्षण और पुनर्स्थापन को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जलाशय स्थानीय सूक्ष्म जलवायु को संतुलित रखने, भूजल स्तर सुधारने और शहर के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. देवयानी शर्मा ने की। उन्होंने शहर में बढ़ते हीट स्ट्रेस तथा उसके निर्माण श्रमिकों, सफाई कर्मियों, फुटपाथ विक्रेताओं और अन्य बाहरी श्रमिकों पर पड़ रहे प्रभावों को विस्तार से रखा। तकनीकी सत्र में उन्होंने अमिटी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के सहयोग से किए गए शहरी श्रमिक सर्वेक्षण के निष्कर्ष भी प्रस्तुत किए, जिसमें निर्जलीकरण, कार्यक्षमता में कमी और आय पर असर जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आईं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य पर केंद्रित सत्र में डॉ. स्मृति देवांगन ने हीट स्ट्रेस प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी, जन-जागरूकता और अर्ली वार्निंग सिस्टम की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

राउंडटेबल चर्चा में बेहतर शहरी नियोजन, हरित अवसंरचना, श्रमिक-अनुकूल सुविधाएं, टिकाऊ कूलिंग सिस्टम, हीट स्ट्रोक की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया तथा जलवायु-संवेदनशील निर्माण पद्धतियों जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और स्थानीय स्तर पर तैयारी मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में पंकज लाहोटी, अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों, संस्थाओं और उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। अंत में तुषार शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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