बस्तर की नई वैश्विक पहचान : जंगलों में फेंके जाने वाले छिंद के बीजों से तैयार हुई अनोखी हर्बल कॉफी

रायपुर, 09 बीजों का सदुपयोग करता है, बल्कि एक स्वास्थ्यवर्धक कैफीन.मुक्त पेय भी प्रदान करता है। यह कॉफी कैफीन मुक्त है, जो इसे अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और एसिडिटी के मरीजों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाती है। यह नवाचार न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

बस्तर का नैसर्गिक सौंदर्य अब केवल अपनी हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि एक सुगंधित क्रांति के लिए भी जाना जाएगा। दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी युवा नवाचारी विशाल हालदार ने अपनी जड़ों से जुड़कर एक ऐसा प्रयोग किया है, जिसने बेकार समझे जाने वाले संसाधनों को बहुमूल्य बना दिया है। विशाल ने छिंद (खजूर की स्थानीय प्रजाति) के बीजों से कैफीन मुक्त हर्बल कॉफी तैयार कर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।

नवाचार कचरे से कंचन तक का सफर

बीकॉम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पढ़ाई करने वाले विशाल ने करीब दो साल के गहन शोध के बाद इस हर्बल कॉफी को विकसित किया है। बस्तर के जंगलों में प्रचुरता से मिलने वाले छिंद के बीज, जो अब तक व्यर्थ फेंक दिए जाते थे। यह कॉफी पूरी तरह कैफीन मुक्त है, जिससे स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो इसे साधारण कॉफी से अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित, इनोवेशन महाकुंभ में रहे अव्वल

विशाल के इस अभिनव प्रयोग को शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशाल को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी सहित प्रबुद्ध वर्ग ने भी इस कॉफी के स्वाद और सुगंध की जमकर सराहना की है।

स्थानीय रोजगार और उद्यमिता का नया मॉडल

विशाल हालदार का लक्ष्य केवल उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि बस्तर के युवाओं को स्वावलंबी बनाना है। दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सहयोग से वे स्थानीय युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से गांवों और जंगलों से छिंद के बीज इकट्ठा करने वाले ग्रामीणों को आय का एक नया जरिया मिलेगा। स्थानीय संसाधनों का सदुपयोग कर बस्तर के नाम को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना। यदि दृष्टि स्पष्ट हो तो स्थानीय वेस्ट को भी वैश्विक स्तर के बेस्ट उत्पाद में बदला जा सकता है। यह हर्बल कॉफी आने वाले समय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दुनिया के लिए बस्तर का अनूठा उपहार साबित होगी।

भविष्य की योजना

खजूर के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे फेनोलिक यौगिक और ओलिक एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हैं। वर्तमान में यह प्रोजेक्ट टेस्टिंग और विकास के अंतिम चरणों में है। जल्द ही इसकी आधिकारिक लॉन्चिंग की जाएगी, जिसके बाद बस्तर की यह हर्बल कॉफी बाजारों में अपनी खुशबू बिखेरने के लिए तैयार होगी।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

टॉप स्टोरीज